- पशुपालन भूमि पर सब स्टेशन का प्रस्ताव घिरा विवादों में
- पर्यटन और हेलीपैड सुरक्षा पर जताई चिंता
नदीम परवेज@ धारचूला,रा.वि.। मुनस्यारी में पशुपालन विभाग की भूमि पर पिटकुल का सब स्टेशन बनाए जाने के प्रस्ताव को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को मुनस्यारी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक और पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई से मुलाकात कर इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई।
मर्तोलिया ने जिलाधिकारी को बताया कि सेरासुराईधार सहित अन्य कई स्थानों पर सब स्टेशन के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सकती है और स्थानीय लोग भी इसके लिए तैयार हैं। ऐसे में पशुपालन विभाग की भूमि का उपयोग करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उक्त भूमि पर पशुपालन विभाग द्वारा भेड़-बकरियों को नहलाने के लिए टैंक निर्माण तथा चारा घास की नर्सरी विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। यदि यहां सब स्टेशन बनाया गया तो विभाग की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि सब स्टेशन बनने से पास स्थित हेलीपैड की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। साथ ही निकट स्थित राजकीय इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।
मर्तोलिया ने बताया कि रुपसियाबगड़ जल विद्युत परियोजना गोरी नदी के किनारे बन रही है और प्रस्तावित सब स्टेशन को गोरी नदी किनारे बने बरम सब स्टेशन से जोड़ा जाना है। उनका कहना है कि मुनस्यारी जैसे संवेदनशील और पर्यटन क्षेत्र में भारी बिजली लाइनों का जाल बिछाने से यहां के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि हाई वोल्टेज लाइनों का जाल बिछाया गया तो पैराग्लाइडिंग जैसे साहसिक पर्यटन की संभावनाएं भी प्रभावित होंगी।
इस मामले पर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने बताया कि भूमि चयन के परीक्षण के लिए अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह समिति जल्द ही मुनस्यारी जाकर सभी संभावित स्थलों का निरीक्षण करेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता से भी राय ली जाएगी तथा जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक स्थानों पर भी विचार किया जाएगा।
