- ड्यूटी पर जा रही महिला पर हमले से मचा हड़कंप, बिगड़ती कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
रामनगर@रा.वि.। उत्तराखंड में महिला सुरक्षा को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन के दावों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नैनीताल जिले के रामनगर में शुक्रवार सुबह सरकारी अस्पताल में संविदा पर कार्यरत एक महिला कर्मचारी के साथ दिनदहाड़े हमले और छेड़खानी की घटना सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में जहां महिलाओं में भय का माहौल है, वहीं कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार पीड़ित महिला कर्मचारी सुबह अपने घर से ड्यूटी के लिए सरकारी अस्पताल जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक अज्ञात युवक उसका पीछा करने लगा। महिला जब अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित रेलवे पटरी के पास पहुंची तो आरोपी ने पीछे से उस पर हमला कर दिया। युवक ने महिला का मुंह दबाकर उसे नीचे गिरा दिया और उसके साथ छेड़खानी करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने महिला के साथ मारपीट भी की और उसका मोबाइल फोन छीन लिया।
महिला ने साहस का परिचय देते हुए किसी तरह खुद को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया। इस दौरान युवक ने मोबाइल फोन फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। डरी और सहमी महिला ने अपना फोन उठाकर रोते हुए अस्पताल के स्टाफ को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल महिला को अस्पताल लाकर उसका उपचार कराया। बाद में घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद अस्पताल में कार्यरत अन्य महिला कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि जब सुबह ड्यूटी पर आने वाली महिला कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो अन्य महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यह घटना एक बार फिर राज्य में महिला सुरक्षा और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
घटना को लेकर पीड़ित महिला ने रामनगर कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले में कोतवाली प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी की पहचान कर जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा और दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
