- भारत में 2026 से लागू होने वाले नए क्रेडिट कार्ड नियमों का उद्देश्य सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। इन नियमों के तहत कार्ड एक्टिवेशन में अतिरिक्त सुरक्षा, क्रेडिट लिमिट में पारदर्शिता, ब्याज गणना में बदलाव, टोकनाइजेशन अनिवार्य, PAN की अनिवार्यता और बड़े लेन-देन की रिपोर्टिंग जैसे प्रावधान शामिल हैं। कुछ नियम पहले से लागू हैं, जबकि कुछ मसौदा (ड्राफ्ट) रूप में हैं और 1 अप्रैल 2026 से अधिसूचना के बाद लागू हो सकते हैं।
1. कार्ड एक्टिवेशन के लिए OTP अनिवार्य
यदि जारी होने के 30 दिनों तक क्रेडिट कार्ड सक्रिय नहीं किया जाता है, तो बैंक को कार्ड एक्टिवेशन से पहले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) लेना होगा।
यदि कार्डधारक एक्टिवेशन से इनकार करता है, तो बैंक को बिना किसी ब्याज शुल्क के कार्ड रद्द करना होगा।
यह नियम अनधिकृत एक्टिवेशन और अनचाहे ब्याज शुल्क से सुरक्षा देता है।
2. क्रेडिट लिमिट में बदलाव के लिए अनुमति जरूरी
बैंक या कार्ड जारीकर्ता आपकी जानकारी के बिना क्रेडिट लिमिट नहीं बदल सकते।
क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए कार्डधारक की स्पष्ट सहमति आवश्यक होगी, जबकि लिमिट घटाने पर भी पहले सूचना देना अनिवार्य है।
इससे ग्राहकों को अपनी उधारी सीमा पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा।
3. ब्याज गणना में बदलाव
नए नियमों के अनुसार, बकाया लेट फीस, टैक्स या अन्य शुल्कों को अब ब्याज की गणना में जोड़कर कंपाउंड नहीं किया जाएगा।
पहले इन अतिरिक्त शुल्कों को भी बकाया राशि में जोड़ दिया जाता था, जिससे कुल देय राशि बढ़ जाती थी।
यह बदलाव बिलिंग को अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाता है।
4. टोकनाइजेशन अनिवार्य
ऑनलाइन, पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) और इन-ऐप लेन-देन के लिए टोकनाइजेशन अनिवार्य होगा।
16 अंकों के कार्ड नंबर की जगह एक यूनिक टोकन का उपयोग किया जाएगा।
इससे डिजिटल भुगतान में डेटा चोरी और धोखाधड़ी का जोखिम कम होगा।
5. नए कार्ड के लिए PAN अनिवार्य
नया क्रेडिट कार्ड लेने के लिए PAN देना अनिवार्य होगा।
इसका उद्देश्य कार्ड खर्च को कर प्रणाली से जोड़ना और फर्जी खातों को रोकना है।
6. बड़े लेन-देन की रिपोर्टिंग
यदि एक वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख या उससे अधिक (नकदरहित) खर्च होता है, या ₹1 लाख या अधिक नकद भुगतान किया जाता है, तो इसकी सूचना आयकर विभाग को दी जाएगी।
यह नियम वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है।
7. अन्य कर संबंधी प्रावधान
जल्द ही आयकर भुगतान क्रेडिट कार्ड से संभव हो सकता है।
कंपनी द्वारा जारी कार्ड से किए गए खर्च को कर्मचारी के लिए कर योग्य लाभ माना जा सकता है, यदि वह पूरी तरह आधिकारिक उपयोग में न हो।
साथ ही, पिछले तीन महीनों का क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट PAN आवेदन के लिए पते के प्रमाण के रूप में मान्य हो सकता है।
कुल मिलाकर, 2026 के नए क्रेडिट कार्ड नियम उपभोक्ता सुरक्षा बढ़ाने, धोखाधड़ी रोकने और वित्तीय पारदर्शिता मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
