Bangladeshi Man Arrested in Rishikesh Posing as Sadhu During Operation Prahar
- उत्तराखण्ड पुलिस के “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पौड़ी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है ।
- आरोपी: सनीउर रहमान उर्फ सत्य साधु
- मूल निवासी: बांग्लादेश
- 2016 से भारत में अवैध रूप से रह रहा था
- फर्जी पहचान से बनाया आधार कार्ड
- राम झूला क्षेत्र में सत्यापन के दौरान पकड़ा गया
Pauri/Rishikesh@RashtriyVichar# UttarakhandPolice #OperationPrahar #BreakingNews #Rishikesh #CrimeNews । पौड़ी पुलिस ने विशेष अभियान Opretion Prahar के अंतर्गत संदिग्ध लोगों के सत्यापन के दौरान एक बंगलादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। यह विदेशी व्यक्ति सत्य साधु बनकर देवभूमि में लम्बे सयम से रह रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार ने बताया कि 16 अप्रैल को कोतवाली तथा अभिसूचना इकाई लक्ष्मण झूला द्वारा संयुक्त रूप से राम झूला क्षेत्र में सघन सत्यापन एवं तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर पूछताछ की गई। प्रारंभिक पूछताछ में व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी विरोधाभासी एवं संदेहास्पद प्रतीत होने पर उससे गहनता से पूछताछ की गई।
उक्त व्यक्ति ने अपना वास्तविक नाम सनीउर रहमान उर्फ सत्य साधू (39) बताया। वह बंगलादेश में फरीदपुर के बैसड़ी मधुखाली का मूल निवासी है। जांच में खुलासा हुआ कि वह वर्ष 2016 से बिना वैध वीजा के भारत में अवैध रूप से रह रहा था। अपनी वास्तविक पहचान छुपाने के लिए उसने “सत्यनिष्ठ आर्य” नाम से भारतीय आधार कार्ड भी बनवा रखा था।
व्यक्ति के दस्तावेजों को गहनता से खंगालने के साथ ही और अधिक जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान अभियुक्त के कब्जे से बांग्लादेशी पासपोर्ट जिसकी वैधता वर्ष 2018 में समाप्त हो चुकी थी, भारतीय पते पर बना आधार कार्ड, मोबाइल फोन, टैबलेट आदि सामान बरामद हुआ।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि अभियुक्त एक दिन पूर्व ही लक्ष्मण झूला घूमने आया था, जबकि इससे पूर्व वह बंगाल, दिल्ली, गाजियाबाद एवं अन्य स्थानों पर निवास कर रहा था। अभियुक्त द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर भारत में अवैध निवास करने तथा पहचान छुपा कर रहने के गंभीर अपराध के चलते पुलिस द्वारा व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अभियुक्त के विरुद्ध कोतवाली laxaman jhula में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा- 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2) तथा प्रवासन एवं विदेशियों अधिनियम, 2025 की धारा- 3/21 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
