AIIMS Rishikesh Launches Integrated Cancer Wellness Clinic Combining Modern and AYUSH Therapies
- एम्स ऋषिकेश में शुरू हुआ इंटीग्रेटेड कैंसर वेलनेस क्लिनिक
- आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा का अनोखा संगम
- मरीजों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर फोकस
- विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में समग्र उपचार
- एम्स ऋषिकेश बना कैंसर के इलाज में नई उम्मीद
Rishkesh@ Rashtriy Vichar#AIIMS #CancerCare #Ayush #HealthNews । उत्तराखण्ड के एम्स ऋषिकेश में शुक्रवार को “इंटीग्रेटेड कैंसर वेलनेस क्लिनिक” का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह क्लिनिक इंटीग्रेटिव मेडिसिन एवं आयुष विभाग द्वारा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
एम्स की निदेशक एवं सीईओ डॉ. मीनू सिंह ने वर्चुअल माध्यम से क्लिनिक का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह पहल आधुनिक कैंसर उपचार (ऑन्कोलॉजी) को भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों—योग, प्राकृतिक चिकित्सा, सिद्ध और हर्बल उपचार—के साथ जोड़कर मरीजों को समग्र देखभाल प्रदान करेगी।
डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि योग और आयुष पद्धतियों के लाभ वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो रहे हैं, लेकिन इन पर और गहन शोध की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि जीवनशैली में सुधार से कैंसर की प्रगति को नियंत्रित किया जा सकता है।
संस्थान के संकायाध्यक्ष अकादमिक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय ने कहा कि कैंसर का उपचार केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्तर पर भी होना चाहिए। उन्होंने इसे “समग्र चिकित्सा” का हिस्सा बताया।
वहीं, आयुष एवं इंटीग्रेटिव मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. मोनिका पठानिया ने क्लिनिक के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शुरुआत में सेवाएं रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के तहत दी जाएंगी, जिसे डॉ. दीपा जोसफ की देखरेख में संचालित किया जाएगा।
क्या है इस क्लिनिक की खासियत?
- आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा का एकीकृत मॉडल
- कैंसर मरीजों के लिए समग्र (Holistic) उपचार
- योग, ध्यान, आहार और हर्बल चिकित्सा पर जोर
- रोगियों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर फोकस
मरीजों के अनुभव भी आए सामने
कार्यक्रम में उन लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जो कैंसर से जूझकर स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि योग और एकीकृत चिकित्सा ने उन्हें बीमारी से लड़ने में आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती दी।
एम्स ऋषिकेश आज आधुनिक तकनीकों के जरिए कैंसर उपचार में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह राज्य का पहला सरकारी संस्थान है, जहां PET स्कैन की सुविधा उपलब्ध है और कैंसर रजिस्ट्री भी नियमित रूप से तैयार की जा रही है।
