Public Representatives Corner Officials Over Rural Issues in Dehradun Zila Panchayat Meeting
- जनसमस्याओं पर बरसे जनप्रतिनिधि, अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल
देहरादून@Rashtriy Vichar। जिला पंचायत की वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली बोर्ड बैठक मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को जमकर घेरा। पेयजल संकट, टूटी सड़कें, सरकारी स्कूलों की खराब हालत, आपदा प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा और अधूरे विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे गए।
बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर ने की, जबकि जिला पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दो टूक कहा कि सभी अधिकारियों के पास जिला पंचायत सदस्यों के फोन नंबर होने चाहिए और किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा समस्या उठाए जाने पर तत्काल जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों को टालने या उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी। यदि कोई कार्य संभव नहीं है तो उसका स्पष्ट और सम्मानजनक जवाब दिया जाए। इस दौरान ग्रामीण विकास योजनाओं और आगामी प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सतीश त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पेयजल संकट बना सबसे बड़ा मुद्दा
गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जल संकट को लेकर सदस्यों ने विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा। जिला पंचायत सदस्य खुशबू गुरुंग ने नयागांव, केसववाला और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल की गंभीर समस्या उठाई। हुक्मचंद ने भाऊवाला और बड़ोवाला क्षेत्रों में नई पेयजल लाइन बिछाने की मांग रखी। विनीता रतूड़ी ने भोगपुर और ईस्टनगरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता बताई, जबकि सुरेंद्र चौहान ने डाकपत्थर क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। जिला पंचायत सदस्य हेमलता ने जीआईसी होरावाला में पेयजल कनेक्शन तक न होने और टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाए जाने का मामला उठाकर विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
सरकारी स्कूलों की दुर्दशा पर चिंता
बैठक में शिक्षा विभाग भी सवालों के घेरे में रहा। कई सदस्यों ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, भवनों की जर्जर हालत और लगातार घटती छात्र संख्या पर चिंता व्यक्त की।
जिला पंचायत सदस्य श्याम सिंह चौहान ने क्लस्टर स्कूल योजना की समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को परेशानी हो रही है। हुक्मचंद ने सरकारी स्कूलों के बंद होने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई और विभाग से प्रभावी नीति बनाने की मांग की।
जिला पंचायत सदस्य दीवान सिंह तोमर ने इंटर कॉलेज साहिया के खराब परीक्षा परिणाम, प्राथमिक विद्यालय किशोर और कंट्रीधार हाईस्कूल की समस्याओं को बैठक में रखा। दिव्या बेलवाल ने शिक्षकों की असमान तैनाती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं, जबकि कई स्कूल शिक्षक विहीन हैं।
निजी स्कूलों की बढ़ती फीस पर भी उठाए सवाल
बैठक में निजी विद्यालयों की मनमानी फीस वृद्धि का मुद्दा भी उठा। जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र चौहान और सुमित नेगी ने कहा कि लगातार फीस बढ़ने से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से फीस नियंत्रण को लेकर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग पर बरसे जनप्रतिनिधि
लोक निर्माण विभाग के कार्यों को लेकर कई सदस्यों ने नाराजगी जताई। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने चकराता क्षेत्र में टाइगर फॉल सड़क पर किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच के निर्देश दिए।
जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह पुंडीर ने कहा कि यदि विभाग द्वारा घटिया निर्माण कार्यों में सुधार नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। कई सदस्यों ने अधूरी सड़कों, खराब निर्माण और वर्षों से लंबित परियोजनाओं का मुद्दा उठाया।
सड़क कटिंग से बड़े हादसे का खतरा
जिला पंचायत सदस्य श्याम सिंह चौहान ने बनाधार क्षेत्र में सड़क कटिंग के कारण मंडरा रहे खतरे की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो बरसात के दौरान बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं जिला पंचायत सदस्य प्रवीन प्रिंस रावत ने लोखंडी-पिपरा-मिनस मोटर मार्ग निर्माण कार्य में हो रही देरी पर विभागीय अधिकारियों से जवाब मांगा।
किसानों की आईडी बनाने का अभियान तेज करने पर जोर
बैठक में कृषि विभाग ने किसानों की आईडी बनाने के अभियान की जानकारी दी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए किसान आईडी आवश्यक है। अब तक जिले में लगभग 14 हजार किसानों की आईडी बनाई जा चुकी है जबकि लक्ष्य 2 लाख 11 हजार किसानों का है।
आपदा सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश
बैठक में आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह पुंडीर ने अपने क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान की जानकारी दी। इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर ने सिंचाई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को क्षेत्रवार अलग-अलग योजनाएं तैयार कर सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों और आय बढ़ाने के प्रस्तावों पर मंथन
बैठक में जिला पंचायत की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए कई नए प्रस्तावों पर चर्चा हुई। जिला पंचायत सदस्यों द्वारा अपने क्षेत्रों से संबंधित विकास प्रस्ताव पहले ही जमा किए जा चुके हैं, जिन पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।
‘ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधियों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं और मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण जनता की मूलभूत समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण प्रशासन की जिम्मेदारी है और विकास कार्यों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’
सुखविंदर कौर, जिला पंचायत अध्यक्ष
