- भारत सरकार डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। 1 मार्च, 2026 से व्हाट्सएप का उपयोग करने के लिए ‘सिम बाइंडिंग’ (SIM Binding) को अनिवार्य कर दिया गया है।
- इसका मतलब है कि अब आपका व्हाट्सएप खाता तभी काम करेगा जब आपकी सिम आपके प्राथमिक फोन में मौजूद होगी।
- यह नियम पुराने ‘ओटीपी डालो और सिम निकालो’ वाले तरीके को पूरी तरह खत्म कर देगा।
नई दिल्ली: दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम साइबर सुरक्षा नियम, 2024 के तहत यह कड़ा फैसला लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य देशभर में बढ़ते साइबर फ्रॉड, सिम-स्वैप स्कैम और फर्जी पहचान के मामलों पर लगाम लगाना है। यह फैसला व्हाट्सएप के अलावा टेलीग्राम, स्नैपचैट आदि के लिए भी है।
इस बदलाव की मुख्य बातें:
• सुरक्षा का नया चक्र: वर्तमान में, व्हाट्सएप ‘वेरिफाई-वन्स’ मॉडल पर चलता है, जहाँ एक बार OTP डालने के बाद आप बिना सिम के भी वेब या अन्य डिवाइस पर इसे चला सकते हैं। नए नियम के बाद, सिम का फोन में होना अनिवार्य होगा ताकि यूजर की पहचान और ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित हो सके।
•इंटरनेशनल फ्रॉड पर लगाम: कंबोडिया, म्यांमार और लाओस जैसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों से संचालित होने वाले ठग भारतीय सिम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। सिम बाइंडिंग से ऐसे अपराधियों के लिए भारतीय खातों का अवैध उपयोग करना नामुमकिन हो जाएगा।
•कोई डेडलाइन एक्सटेंशन नहीं: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ कर दिया है कि 28 फरवरी, 2026 के बाद कोई मोहलत नहीं दी जाएगी।
•आम यूजर पर असर: हालांकि यह सुरक्षा के लिए है, लेकिन जो लोग अक्सर सिम बदलते हैं या व्हाट्सएप वेब का अधिक उपयोग करते हैं, उन्हें अपनी आदतों में बदलाव करना होगा।
