Ayurveda Doctors Protest in Tehri Over 7-Point Demands, Warn of Statewide Agitation
- सूत्रीय मांगों को लेकर आयुर्वेद चिकित्सकों का प्रदर्शन
- सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
- मांगें पूरी नहीं होने पर दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
वाचस्पति रयाल@नरेन्द्रनगर। अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ की टिहरी इकाई ने शुक्रवार को नरेंद्रनगर स्थित जिला आयुर्वेद कार्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी चिकित्सकों ने सरकार, शासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
चार साल से लंबित हैं मांगें: जिले के नौ विकासखंडों से पहुंचे चिकित्सकों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा और जिला सचिव डॉ. राम मणी दुबे ने कहा कि उनकी मांगें पिछले चार वर्षों से लंबित हैं। कई दौर की वार्ताओं के बावजूद सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे चिकित्सकों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि 8 जून से आयुर्वेद चिकित्सक काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं, लेकिन सरकार अब तक गंभीर नहीं दिख रही।
देहरादून निदेशालय में देंगे धरना: चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 15 से 17 जून तक देहरादून स्थित निदेशालय में तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर निर्णायक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघ की प्रमुख मांगों में चिकित्सा संवर्ग के लिए विभागीय निदेशक की नियुक्ति, डीएसीपी का लाभ, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन, पदोन्नति के अवसर बढ़ाना, 2024 बैच के अधिकारियों को स्थायी करना और बायोमेट्रिक उपस्थिति से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल है। संगठन ने साफ कहा कि मांगों की अनदेखी हुई तो आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष डॉ० दिनेश शर्मा तथा सचिव डॉ० राम मणि दुबे के अलावा डॉ० सुरभि, डॉ० निधि गुरंग, डॉ० साकेत कुमार, डॉ० स्नेहा कपिल, डॉ०तरुणा सागर शर्मा, डॉ० कर्णपाल सिंह, डॉ०संतोष मिश्रा, डॉ० राजीव कुमार, डॉ०सिद्धि मिश्रा, डॉ० शशी जोशी और डॉ० शैली आदि मौजूद थे।
