- ग्रामीणों ने लगाये कमीशनखोरी के आरोप, विजिलेंस जांच की उठी मांग़
धारचूला@ रा.वि.। सीमांत नगर धारचूला के बलवा कोट क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे तटबंध निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद ग्रामीणों में रोष बढ़ता दिख रहा है और मामला अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप ले चुका है।
तटबंध निर्माण सीधे तौर पर क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। ऐसे में कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकती है। शिकायतें मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रमोद मिश्रा ने कार्यस्थल का निरीक्षण किया। शिकायतकर्ता की मौजूदगी में हुई जांच के दौरान कुछ तकनीकी खामियां पाई गईं।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने के लिए सभी संदिग्ध ब्लॉकों को हटाकर दोबारा निर्माण कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। विभाग का दावा है कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
हालांकि दूसरी ओर शिकायतकर्ता चन्द्र सिंह ग्वाल ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी शायद ही कभी मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं और पूरा निर्माण कार्य ठेकेदार कंपनी के कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमीशनखोरी के चलते निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे तटबंध की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों और सेवानिवृत्त इन्द्र सिंह ग्वाल ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि चूंकि यह परियोजना क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी है, इसलिए इसकी उच्च स्तरीय या विजिलेंस जांच कराई जानी चाहिए ताकि जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो सके।
फिलहाल विभाग ने पुनर्निर्माण और कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इन कदमों से उनकी आशंकाएं दूर होंगी और क्या निर्माण कार्य वास्तव में निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया जाएगा।
