- कर्मचारी आचरण नियम संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी
- अब समूह ग के कर्मचारियों को एक साल में देना होगा अचल संपत्ति का ब्यौरा
- पहले हर पांच साल में एक बार देना होता था विवरण
- 1.20 लाख कर्मचारी आएंगे नए नियम के दायरे में
बनबसा (चंपावत) @ Rashtriya Vichar। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को चंपावत जिले के बनबसा में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य गठन के करीब 26 साल बाद देहरादून और गैरसैंण से बाहर हुई इस पहली कैबिनेट बैठक में वित्तीय अनुशासन, उच्च शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, भूमि, स्थानीय निकाय, निवेश और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
राजकोषीय घाटे की सीमा तीन फीसदी, कर्ज की अधिकतम सीमा 30 फीसदी
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी के तीन प्रतिशत और कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा जीएसडीपी के 30 प्रतिशत तय करने संबंधी संशोधन विधेयक को मंजूरी दी। आपदा और सुरक्षा जैसी विशेष परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटा लेने के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा।
1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा उच्च शिक्षा कौशल योजना का लाभ
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी दी गई। योजना के तहत राज्य के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ रहे करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। अगले पांच वर्षों में इस योजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
समूह ‘ग’ भर्ती में साक्षात्कार खत्म
समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। उप कारापाल के पद पर साक्षात्कार समाप्त करने का निर्णय लिया गया। अब शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित परिशिष्ट से हटाने को मंजूरी दी गई।
वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन पर मिलेगा भूमिधरी अधिकार
कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। नैनीताल जिले के लालकुआं नगर पंचायत क्षेत्र में संबंधित लोगों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने और देहरादून के जौनसार-बावर परगना में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण का रास्ता साफ किया गया। विनियमितीकरण के लिए एक वर्ष तक वर्ष 2004 के सर्किल रेट को आधार बनाया जाएगा। इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट लागू होगा।
पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए टीडीसी को 66.29 करोड़
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई। यह राशि नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों में खर्च की जाएगी।
संपत्ति की खरीद-बिक्री में PAN का सत्यापन अनिवार्य
संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लेन-देन में क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले PAN के सत्यापन की व्यवस्था लागू होगी। इससे गलत या फर्जी PAN के इस्तेमाल पर रोक लगाने के साथ आयकर विभाग को होने वाली रिपोर्टिंग में आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
छठवें राज्य वित्त आयोग की पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में रखने की मंजूरी दी गई। आयोग ने 2026-27 से 2030-31 के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को होने वाले अंतरण तथा वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सिफारिशें दी हैं।
कुमाऊं-गढ़वाल के मुख्य वन संरक्षक होंगे विभागाध्यक्ष
वन विभाग में विभागाध्यक्ष की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल को विभागाध्यक्ष बनाया जाएगा। सरकार के अनुसार इससे वनाग्नि, बाढ़, दैवीय आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी आपात स्थितियों में निर्णय और कार्रवाई में तेजी आएगी।
सतर्कता अधिष्ठान में 11 पद खत्म, छह नए पद बनेंगे
कैबिनेट ने सतर्कता अधिष्ठान के पुनर्गठन को मंजूरी दी। इसके तहत 11 पद समाप्त किए जाएंगे, जबकि विभिन्न श्रेणियों के छह नए पद सृजित होंगे। इसके अलावा मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस के पांच पद बढ़ाए जाएंगे। सरकार के अनुसार पुनर्गठन से सतर्कता अधिष्ठान की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
1873 का सिंचाई अधिनियम होगा खत्म
कैबिनेट ने वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक हो चुके उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करने की मंजूरी दी। इसके स्थान पर राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभाग के लिए बनेगा महानिदेशक पद
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों में बेहतर समन्वय और प्रभावी प्रशासन के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित किया जाएगा। इससे केंद्र और राज्य की योजनाओं के बेहतर समन्वय और योजनाओं की निगरानी में मदद मिलने की उम्मीद है।
कुक्कुट आहार सब्सिडी अब सीधे बैंक खाते में
कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना में भुगतान की व्यवस्था बदली गई है। अब सीबीडीसी/ई-रूपी आधारित व्यवस्था के स्थान पर आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खाते में सीधे डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी दी जाएगी।
मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के वेतन-मानदेय का पुनर्निर्धारण
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए इन पदों पर तैनात कार्मिकों के वेतन और मानदेय के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाना है।
निजी विश्वविद्यालयों के लिए बदले मानक
राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की नीति और मानकों में संशोधन किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था होगी। विश्वविद्यालय स्थापना के प्रस्तावों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक भी तय किए जाएंगे।
नरेंद्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में टिहरी जिले की नरेंद्रनगर तहसील में उप निबंधक कार्यालय खोलने को मंजूरी दी गई। इसके क्षेत्राधिकार में नरेंद्रनगर तहसील के 98 और पावकी देवी उपतहसील के 35, कुल 133 राजस्व गांव शामिल होंगे।
कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी नियमों में संशोधन
कर्मचारियों की चल-अचल और बहुमूल्य संपत्ति से संबंधित आचरण नियमों को वर्तमान परिस्थितियों और अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट एवं अद्यतन करने को मंजूरी दी गई। नियमों में मौजूद हिंदी अनुवाद संबंधी त्रुटि को भी सुधारा जाएगा।
सहायक लोक अभियोजक की नियुक्ति संबंधी प्रावधान लागू
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट को राज्य सरकार को 14 दिन की सूचना देने के बाद संबंधित मामले के लिए सहायक लोक अभियोजक नियुक्त करने की व्यवस्था को मंजूरी दी गई।
सतर्कता और अन्य नियमावलियों में भी संशोधन
भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली और उत्तराखंड जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमों में संशोधन समेत अन्य प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
बनबसा बैठक से सरकार ने दिए नीतिगत दिशा के संकेत
देहरादून से अलग बनबसा में हुई इस पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में वित्तीय अनुशासन, युवाओं के कौशल एवं रोजगार, स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था, भूमि अधिकार, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधार पर जोर दिखाई दिया। सरकार के अनुसार इन फैसलों का उद्देश्य अगले कुछ वर्षों में राज्य की विकास योजनाओं को नई दिशा देना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
