A 22-km road project in Ranthi, Dharchula, remains incomplete after a decade, with only 9 km built. Authorities have ordered an inquiry into alleged irregularities.
- निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत पर जांच कमेटी गठित
- धारचूला के रांथी सड़क निर्माण पर उठे सवाल
- ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
नदीम परवेज@ धारचूला। सीमांत क्षेत्र धारचूला की ग्राम पंचायत रांथी में टीवी टावर से रांथी तक प्रस्तावित मोटर मार्ग का निर्माण एक दशक बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। करीब 22 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में अब तक महज नौ किलोमीटर सड़क का निर्माण होने और शेष 13 किलोमीटर काम लंबित रहने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी, मनमानी कटिंग, ढलान में खामियों और बिना स्वीकृति लिंक रोड बनाए जाने के आरोपों ने अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी धारचूला ने जांच कमेटी गठित कर जांच शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायत रांथी के सामाजिक कार्यकर्ता केशर सिंह धामी ने 13 अक्टूबर 2026 को उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2016-17 में शुरू हुआ निर्माण कार्य करीब दस साल बाद भी अधूरा है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमांत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण इस सड़क का निर्माण समय पर पूरा न होने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क की कटिंग और ढलान पर सवाल
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर सड़क की कटिंग और ढलान निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ हिस्सों में जरूरत से अधिक ढलान होने और सड़क के ग्रेड की अनदेखी किए जाने की शिकायत है। इससे सड़क की सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर चिंता जताई गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर सर्वेक्षण और ग्रामीणों की सहमति के आधार पर सड़क बनाई जानी थी, वहां अपेक्षित काम नहीं किया जा रहा, जबकि कुछ अन्य स्थानों पर मनमाने ढंग से निर्माण किए जाने की शिकायत है।
बिना स्वीकृति लिंक रोड बनाने का आरोप
ग्रामीणों ने मूल प्रस्ताव में लिंक रोड शामिल नहीं होने के बावजूद दो-तीन स्थानों पर लिंक मार्ग बनाए जाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इन मार्गों के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं ली गई। उन्होंने मांग की है कि संबंधित अभिलेखों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि निर्माण स्वीकृत नक्शे, सर्वेक्षण और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग की आशंका भी जताई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
शिकायतकर्ता केशर सिंह धामी ने कहा कि ग्रामीण कई बार निर्माण कार्य में सुधार की मांग उठा चुके हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और खामियां मिलने पर जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का निर्माण सर्वेक्षण और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया, तो वे विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब प्रशासन की जांच पर ग्रामीणों की निगाहें टिकी हैं। जांच में सड़क निर्माण की गुणवत्ता, स्वीकृत कार्ययोजना और कथित अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तय होगा कि निर्माण कार्य में कहां खामियां हैं और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
सड़क निर्माण में अनियमितताओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इसे देखते हुए कमेटी गठित कर जांच शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच टीम में तहसीलदार के साथ अन्य तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि सड़क की कटिंग, ढलान, लिंक रोड और निर्माण कार्य की प्रगति का तकनीकी आधार पर परीक्षण किया जा सके। -आशीष जोशी, उपजिलाधिकारी धारचूला
