- विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ नरेंद्रनगर में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आगाज
- संगोष्ठी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर से लगभग 300 प्रतिनिधियों ने कराया पंजीकरण
वाचस्पति रयाल@नरेंद्रनगर। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय में ‘विजन फॉर विकसित भारत 2047’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। 26 से 28 फरवरी तक चलने वाली इस संगोष्ठी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर से लगभग 300 प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया है।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के वन तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के इस दौर में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सूझबूझ, संतुलन और दूरदृष्टि की आवश्यकता है। उन्होंने संस्कृति, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
उद्घाटन सत्र में की-नोट स्पीकर के रूप में Fort Valley State University (यूएसए) के प्रोफेसर निर्मल जोशी ने पावलाउनिया वृक्ष पर अपने शोध प्रस्तुत करते हुए उसे ‘कल्पतरू’ की संज्ञा दी। उन्होंने बताया कि यह वृक्ष इमारती लकड़ी, औषधीय उपयोग, वाद्य यंत्र निर्माण और एथेनॉल उत्पादन का महत्वपूर्ण स्रोत हो सकता है।
प्रतिष्ठित वक्ताओं ने विकसित भारत के विविध आयामों पर अपने विचार रखे। गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कौशिक ने स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य संकेतकों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। दून विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एच.सी. पुरोहित ने गरीब, महिला, युवा और किसानों के सशक्तिकरण के साथ गैर-पारंपरिक ऊर्जा पर बल दिया।
वक्ताओं ने सतत विकास, ग्रीन हाइड्रोजन ऊर्जा, परिवहन लागत में कमी, मानव संसाधन के बेहतर उपयोग और मूल्य आधारित शिक्षा को विकसित भारत की आधारशिला बताया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रणितानंद ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने हेतु सामूहिक प्रयास का आह्वान किया। मुख्य अतिथि द्वारा सरस्वती चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्मृति चिन्ह, शॉल एवं प्लांटर भेंट कर सम्मान किया गया। संचालन डॉ. संजय मेहर ने किया तथा संयोजक डॉ. संजय कुमार ने आभार व्यक्त किया।
