Tourism Students of Dharamanand Uniyal College Attend Adventure Training Camp in Shivpuri
- धर्मानंद उनियाल महाविद्यालय का दो दिवसीय शैक्षिक भ्रमण संपन्न, प्रकृति और पर्यटन की बारीकियां सीखीं
वाचस्पति रयाल@नरेन्द्रनगर।
धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय के पर्यटन विभाग द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए शिवपुरी स्थित बीच कैंप में दो दिवसीय शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यटन गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ प्रकृति एवं साहसिक पर्यटन की गहन जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि हरपाल सिंह भंडारी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को रिवर राफ्टिंग और साहसिक गतिविधियों की व्यावहारिक जानकारी देते हुए कहा कि नरेंद्रनगर वन परिक्षेत्र में स्थित बडल-बवाणी और शिवपुरी क्षेत्र अपनी समृद्ध प्राकृतिक भौगोलिक संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान, अनुभवात्मक शिक्षा और प्राकृतिक अवलोकन क्षमता को विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति को करीब से समझने और उसके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया।
महाविद्यालय द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय पर्यटन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, रॉक क्लाइंबिंग और रैपलिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे उन्हें पर्यटन उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है।
पर्यटन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय महर ने कहा कि पर्यटन के छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण और कौशल विकास के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थलों के संतुलित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग में प्रशिक्षित युवा भविष्य में राज्य के “ब्रांड एंबेसडर” के रूप में कार्य कर सकते हैं।
डॉ. महर ने प्रकृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर प्रकृति को करीब से देखने और समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति मानव जीवन के लिए ईश्वर का अनमोल उपहार है और इसके संरक्षण के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर डॉ. विजय भट्ट ने कहा कि गंगा नदी में राफ्टिंग जैसी गतिविधियों की तकनीकी दक्षता छात्र-छात्राओं को पर्यटन उद्योग में सशक्त मानव संसाधन के रूप में स्थापित कर सकती है।
कार्यक्रम के अंत में शैक्षिक भ्रमण के सहायक शिशुपाल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। शैक्षिक भ्रमण में अजय, अमन, मीतांजलि, शुभम, विकास, हिमांशु, रामपाल, धीरेंद्र, केशव सहित कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
