The Akhada Parishad has constituted its new five-year executive committee in Haridwar. Shri Mahant Ravindra Puri Maharaj was elected President, while Shri Mahant Rajendra Das was chosen as General Secretary. The council will focus on Haridwar Kumbh preparations, saints’ welfare, and issues of national importance
- आठ अखाड़ों की बैठक में सर्वसम्मति से हुआ चुनाव
हरिद्वार@Rashtriy Vichar। कनखल स्थित अटल अखाड़ा में शनिवार को आठ अखाड़ों के प्रमुखों की बैठक में अखाड़ा परिषद की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। आठ अखाड़ों के बहुमत से महानिर्वाणी अखाड़ा के श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज को परिषद का अध्यक्ष तथा निर्मोही अखाड़ा के श्रीमहंत राजेंद्र दास को महामंत्री चुना गया। नई कार्यकारिणी का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा।
बैठक में श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा के दुर्गादास महाराज को उपाध्यक्ष, श्री दिगंबर अखाड़ा के विष्णुदास महाराज को मंत्री तथा श्री निर्मल अखाड़ा के जसविंद्र सिंह महाराज को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा महंत भगत राम महाराज, महंत मुरलीदास महाराज और महंत ज्ञानेश सिंह महाराज को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया। महंत संजय दास को राष्ट्रीय प्रवक्ता, महामंडलेश्वर शंकर दास करौली सरकार को मीडिया प्रभारी तथा महंत सत्येंद्र जी महाराज को लेखक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत नरेंद्र गिरि के निधन के बाद गठित परिषद का कार्यकाल पूरा होने पर वरिष्ठ संतों की सहमति से नई कार्यकारिणी बनाई गई है।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि परिषद हरिद्वार कुंभ की तैयारियों, संत समाज के हितों तथा राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाएगी। साथ ही शासन के साथ होने वाली आगामी बैठकों में कुंभ सहित विभिन्न मुद्दों पर रणनीति तय की जाएगी।
ये हैं 13 अखाड़े-
- संन्यासी अखाड़े: जूना अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा, महानिर्वाणी अखाड़ा, अटल अखाड़ा, आनंद अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा, और अग्नि अखाड़ा
- वैष्णव अखाड़े: दिगंबर अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा, और निर्वाणी अनी अखाड़ा
- उदासीन अखाड़े: बड़ा उदासीन अखाड़ा, नया उदासीन अखाड़ा, और निर्मल अखाड़ा
