- साढ़े 12 माह के कठोर प्रशिक्षण के बाद मुख्यधारा में शामिल हुए युवा पुलिस उपाधीक्षक
वाचस्पति रयाल@ नरेंद्रनगर। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग बैच-2024 में चयनित 10 पुलिस उपाधीक्षक प्रशिक्षुओं ने साढ़े 12 माह के कठोर आधारभूत प्रशिक्षण के बाद मंगलवार को नरेंद्रनगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (PTC) में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के साथ उत्तराखंड पुलिस की मुख्यधारा में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया।
इन प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण 10 फरवरी 2025 से प्रारंभ हुआ था, जो मंगलवार को दीक्षांत परेड के साथ संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें व्यावसायिक दक्षता प्रदान करने के उद्देश्य से मानवाधिकार, नए आपराधिक कानून, संगीन अपराधों की विवेचना, अभियोजन प्रक्रिया, वैज्ञानिक साक्ष्य तकनीक, सीसीटीएनएस, आपदा प्रबंधन, बम डिस्पोजल, सर्विलांस और साइबर क्राइम जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
यह प्रशिक्षण अपर पुलिस अधीक्षक/उपनिदेशक प्रकाश चन्द्र के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपाधीक्षक अस्मिता ममगाई और सैन्य सहायक अखलेश कुमार के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) अनंत शंकर ताकवाले (IPS) ने नवप्रशिक्षु अधिकारियों को निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कर्तव्य पालन का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से पीड़ित और वंचित वर्ग को समय पर न्याय दिलाने पर बल दिया।
मुख्य अतिथि अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन (IPS) ने प्रशिक्षुओं को संविधान की शपथ दिलाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बदलते समय में पुलिस अधिकारियों को हर चुनौती का प्रभावी और पेशेवर ढंग से सामना करना होगा।
समारोह में पुलिस उपमहानिरीक्षक/निदेशक पीटीसी यशवंत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल आयुष अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दीक्षांत के बाद अब ये सभी नव नियुक्त पुलिस उपाधीक्षक अपने-अपने जनपदों में व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां वे कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हुए जनता की सेवा में जुटेंगे।
