Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami inaugurates the 50th Kunjapuri Tourism and Development Fair in Narendra Nagar, celebrating nine days of culture, faith and development from October 11 to 19.
- आस्था, लोकसंस्कृति और विकास का संगम बना कुंजापुरी मेला
- नौ दिवसीय कुंजापुरी मेले का आगाज
- संस्कृति और विकास की झांकियों ने मोहा मन
- सीएम बोले-धार्मिक स्थलों के संरक्षण को मिल रहा बढ़ावा
वाचस्पति रयाल@ नरेंद्रनगर। आस्था, लोकसंस्कृति और विकास की गौरवशाली परंपरा को समेटे 50वें श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया। 11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस नौ दिवसीय राज्यस्तरीय मेले की स्वर्ण जयंती पर नरेंद्रनगर में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुंजापुरी मेला आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक होने के साथ क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों के संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है।
उन्होंने कहा कि पलायन रोकना, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग सहित नरेंद्रनगर क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
विभिन्न विद्यालयों ने निकाली आकर्षक झांकी: शुभारंभ के बाद विभिन्न विद्यालयों की ओर से निकाली गई आकर्षक झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। छोलिया नृत्य, महिषासुर मर्दिनी, मां कुंजापुरी, नरसिंह अवतार, माखन होली, भारत की गौरवशाली बेटियां और बदलता नरेंद्रनगर जैसे विषयों के माध्यम से लोकसंस्कृति, देशभक्ति, सामाजिक जागरूकता और विकास की झलक प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ मां कुंजापुरी के चित्र का अनावरण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियों और स्टालों का निरीक्षण भी किया।
कैबिनेट मंत्री सुबोध बोले, मेले को मिली राज्यस्तरीय पहचान: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले की स्वर्ण जयंती पर बधाई देते हुए कहा कि तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती की पहल से शुरू हुआ यह आयोजन आज जनसहभागिता के कारण राज्यस्तरीय पहचान बना चुका है। मेले के संस्थापक पांगती ने इसकी पांच दशक की यात्रा और विकास से जुड़े अनुभव साझा किए। नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार ने इसे स्थानीय संस्कृति, पर्यटन और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम: मेले में खेलकूद प्रतियोगिताओं, विद्यालयी आयोजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ पद्मश्री बसंती बिष्ट, नरेंद्र सिंह नेगी, मीना राणा, किशन महिपाल, पांडवाज बैंड, सुदेश लहरी और अन्य कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। समापन पर पद्मश्री प्रीतम भरत्वाण जागर गायन करेंगे।
ये रहे मौजूद: ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी आशीष घिल्डियाल, तहसीलदार विनोद तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक सुरेंद्र सिंह भंडारी, थाना अध्यक्ष देवराज शर्मा ,सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
