Kidney Disease Rising Among Young Professionals Despite Normal Blood Reports: Experts Warn
- सामान्य ब्लड रिपोर्ट के बावजूद हो सकता है किडनी डैमेज
- समय पर जांच जरूरी
देहरादून@Rashtriy Vichar। किडनी की बीमारी अब केवल बुज़ुर्गों या डायबिटीज़ के मरीजों तक सीमित नहीं रह गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आज बड़ी संख्या में युवा प्रोफेशनल्स भी शुरुआती किडनी डैमेज का शिकार हो रहे हैं, जबकि उनकी सामान्य ब्लड रिपोर्ट पूरी तरह ठीक दिखाई देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी को होने वाला नुकसान अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए समय पर जांच बेहद जरूरी है।
आरजी हॉस्पिटल्स, देहरादून के रीनल ट्रांसप्लांट, एंड्रोलॉजी एवं यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. नितीश देव ने बताया कि केवल सीरम क्रिएटिनिन की सामान्य रिपोर्ट के आधार पर किडनी को स्वस्थ मान लेना बड़ी भूल है। कई मामलों में किडनी वर्षों तक क्षतिग्रस्त होती रहती है, लेकिन सामान्य जांच में इसका पता नहीं चलता। ऐसे में यूरिन एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेश्यो (ACR) टेस्ट शुरुआती नुकसान की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत में क्रोनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में इसकी दर 11.12 प्रतिशत से बढ़कर 16.38 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2021 में देश के लगभग 12.8 करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित थे।
विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक डेस्क पर बैठकर काम करना, पर्याप्त पानी न पीना, प्रोसेस्ड व अधिक नमक वाला भोजन, बिना सलाह पेनकिलर और प्रोटीन सप्लीमेंट का अधिक सेवन, तनाव, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख कारण हैं।
डॉ. देव ने सलाह दी कि जोखिम वाले लोगों को सालाना हेल्थ चेकअप में ब्लड टेस्ट के साथ यूरिन ACR टेस्ट भी कराना चाहिए। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, रक्तचाप और ब्लड शुगर पर नियंत्रण तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर किडनी की गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
रोकथाम या किडनी देखभाल के लिए टिप्स
- सालाना हेल्थ चेक-अप के दौरान रूटीन ब्लड टेस्ट के साथ-साथ यूरिन ACR टेस्ट भी करवाएं, खासकर तब जब आप में जोखिम के कारण मौजूद हों।
- ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करें और डायबिटीज को अच्छी तरह नियंत्रण में रखें।
- दिन भर शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से बचने के लिए हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठें और चलें-फिरें।
- पेशाब को लंबे समय तक रोककर न रखें।
- प्रोसेस्ड फूड, ज़्यादा नमक और बेवजह पेनकिलर लेने से बचें।
- संतुलित डाइट लें, वज़न सही बनाए रखें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और भरपूर नींद लें।
