Uttarakhand Health Minister Reviews Medical Colleges, Announces Key Reforms in Healthcare Services
- स्वास्थ्य मंत्री सुबोध ने हल्द्वानी कैंसर संस्थान सहित, राज्य के 7 मेडिकल कॉलेजों की ली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
- बोले – स्वास्थ्य कर्मी, सफाई, दवाई और भलाई को समझें अपना मिशन -सुबोध
- प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की मैराथन समीक्षा: फैकल्टी बढ़ाने, कैथ लैब व ट्रॉमा सेंटर पर जोर
वाचस्पति रयाल@नरेन्द्रनगर/देहरादून/हल्द्वानी। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने हल्द्वानी स्थित राज्य कैंसर संस्थान सहित प्रदेश के सात मेडिकल कॉलेजों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम फैसले लिए। घंटों चली इस मैराथन बैठक में सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, निदेशक और चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्या मौजूद रहे।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्बे और राज्य कैंसर संस्थान हल्द्वानी के निदेशक डॉ. पांडे ने संस्थान की प्रगति और वर्तमान व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों से फीडबैक लेने के बाद मंत्री उनियाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और मजबूत बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि हल्द्वानी के राज्य कैंसर संस्थान में जल्द ही इंडोर सेवाएं शुरू की जाएंगी। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में 15 दिनों के भीतर नियमित ओपीडी सेवाएं प्रारंभ करने और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में इसी माह कैथ लैब शुरू करने की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अल्मोड़ा और हल्द्वानी में स्थापित कैथ लैब के सुचारू संचालन के लिए कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
फैकल्टी की भारी कमी पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में लगभग 70 प्रतिशत और देहरादून में करीब 40 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए प्रभावी फैकल्टी रिटेंशन नीति बनाने पर मंथन किया गया है। साथ ही सीनियर रेजिडेंट्स के वेतन में वृद्धि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर करने का निर्णय लिया गया है।
रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश देते हुए जिला अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों को फैकल्टी के रूप में समायोजित करने की बात कही गई। पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में भी इसी वर्ष कक्षाएं शुरू करने के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों के अस्पतालों के पास हेलीपैड निर्माण की योजना बनाई जाएगी। आपात स्थितियों में विशेषज्ञ चिकित्सकों को हेली सेवा के माध्यम से जरूरतमंद स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
मंत्री ने डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाने, रोस्टर प्रणाली के जरिए प्रदेशभर में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और 108 सेवा की तर्ज पर संस्थागत एम्बुलेंस सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।
अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था सुधारने, अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने और बाहर से दवाएं लिखने की प्रवृत्ति पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने “सफाई, दवाई और भलाई” को स्वास्थ्य सेवाओं का मूल मंत्र बताते हुए अधिकारियों से इसे जमीनी स्तर पर लागू करने को कहा।
सुबोध उनियाल ने चेतावनी दी कि चारधाम यात्रा, गर्मी के मौसम और बढ़ती भीड़ के चलते स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
