- ऊर्जा विभाग की घनघोर लापरवाही से लक्कड़घाट में करंट का कहर
- सड़क पर पड़े विद्युत तार ने बुझाया मां-बेटी के जीवन
चित्रवीर क्षेत्री@रायवाला। ग्रामीण क्षेत्र लक्कड़घाट में रविवार देर शाम बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। विवेका एकेडमी के समीप सड़क पर टूटकर गिरे विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आने से मां और उसकी दो वर्षीय मासूम बेटी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि परिवार में कोहराम मच गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने ऊर्जा निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार लक्कड़घाट के मोटा प्लाट क्षेत्र निवासी ठूमा देवी रविवार देर शाम अपनी दो वर्षीय बेटी सृष्टि के साथ छोटी बहन के घर से वापस अपने घर लौट रही थीं। दोनों शिव मंदिर वाली गली से होते हुए विवेका एकेडमी के समीप पहुंचीं। इसी दौरान सड़क पर टूटकर पड़ा बिजली का तार उनकी नजर में आया, लेकिन तार में करंट प्रवाहित होने के कारण मां-बेटी उसकी चपेट में आ गईं। करंट का झटका इतना तेज था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की खबर मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिवार के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो घर में मातम पसर गया। मां के साथ उसकी मासूम बेटी की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया।
ग्रामीणों का आरोप:लापरवाही से गई दो जानें
घटना के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में ऊर्जा निगम के प्रति आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि विद्युत तार टूटने के बाद समय रहते आपूर्ति बंद कर दी जाती या सड़क पर गिरे तार की सूचना मिलने के बाद प्रभावी कदम उठाया जाता तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। आक्रोशित लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन के साथ उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
मृतका के पति हरपाल सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उनकी पत्नी ठूमा देवी और बेटी सृष्टि की मौत विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने हादसे के लिए ऊर्जा निगम के अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
तीन अधिकारियों पर मुकदमा, जांच शुरू
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमे में ऊर्जा निगम ऋषिकेश के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सुमित चौधरी को सौंपी गई है।
अवर अभियंता निलंबित, विभागीय जांच के आदेश
हादसे के बाद ऊर्जा निगम ने संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता एसपी बहुगुणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। घटना के बाद अब विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सड़क पर विद्युत तार टूटकर गिरने के बाद भी उसमें करंट क्यों प्रवाहित होता रहा और समय रहते विद्युत आपूर्ति बंद क्यों नहीं की गई।
जांच में पता चलेगी हादसे की असली वजह
अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विद्युत तार किन परिस्थितियों में टूटा, तार में करंट प्रवाहित होने की जानकारी विभाग को थी या नहीं और हादसे से पहले विद्युत विभाग की ओर से कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
