- विद्यार्थियों ने समझी जैव विविधता की अहमियत
नीरज सती@ Corbett रामनगर। ढेला इंटर कॉलेज की कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने रविवार को जिम्स जंगल रिट्रीट (Jims Jungle Retreat) का शैक्षिक भ्रमण कर जैव विविधता और तितलियों के संसार को करीब से जाना। इस दौरान विद्यार्थियों ने प्राकृतिक परिवेश में नेचर वॉक की और क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता, तितलियों की विभिन्न प्रजातियों, उनके व्यवहार तथा पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी हासिल की।
पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेतक
जिम्स जंगल रिट्रीट के नेचुरलिस्ट के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को बताया गया कि तितलियां केवल प्रकृति की खूबसूरती बढ़ाने वाली जीव नहीं हैं, बल्कि वे पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेतक भी हैं। परागण की प्रक्रिया में योगदान देने के साथ ही तितलियां खाद्य शृंखला और जंगल के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्राकृतिक आवास व व्यवहार को समझा
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न तितली प्रजातियों की पहचान कराई गई। इनमें कॉमन क्रो, लाइम बटरफ्लाई, कॉमन ग्रास येलो, स्ट्राइप्ड टाइगर, कॉमन पायरेट, कॉमन वांडरर, कॉमन फॉर रिंग, पीकॉक पैंसी और प्लेन टाइगर प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने इन प्रजातियों के प्राकृतिक आवास और उनके व्यवहार को समझने में विशेष रुचि दिखाई।
150 प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज
विद्यार्थियों को जानकारी दी गई कि जिम्स जंगल रिट्रीट परिसर में अब तक 105 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि आसपास के क्षेत्र में करीब 150 प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज हुई है। यह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से कितना समृद्ध है, इसका अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है।
डॉक्यूमेंट्री के जरिए जाना वन्यजीवों का प्राकृतिक परिवेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से कॉर्बेट पार्क के वन्यजीवों और प्राकृतिक परिवेश के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ जैव विविधता संरक्षण की आवश्यकता को समझाना रहा।
प्रकृति विशेषज्ञ रहे मौजूद
भ्रमण में अंग्रेजी प्रवक्ता नवेंदु मठपाल तथा जिम्स जंगल रिट्रीट की ओर से प्रकृतिविद मोहन चंद्र जोशी, गौरव धोत्रे, जीवन रौतेला और लवकुश सैनी मौजूद रहे।
