Protest intensifies over proposed cutting of thousands of deodar, oak and buransh trees in Nagdev Range as locals and UKD workers launch a conservation campaign.
- नागदेव के जंगल बचाने का लिया संकल्प
- प्रस्तावित कटान के विरोध में उक्रांद और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का अभियान
पौड़ी@Rashtriya Vichar। नागदेव रेंज में हजारों देवदार, बांज और बुरांश के पेड़ों के प्रस्तावित कटान को लेकर विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए स्थानीय लोगों, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) कार्यकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों ने जंगल पहुंचकर पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

अल्मोड़ा से पहुंचे पर्यावरण प्रेमी: पर्यावरण संरक्षण के अभियानों में सक्रिय समाजसेवी शंकर सिंह बिष्ट भी अल्मोड़ा से पौड़ी पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों और उक्रांद कार्यकर्ताओं के साथ नागदेव क्षेत्र में पहुंचकर देवदार, बांज और बुरांश के पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधे। उन्होंने प्रस्तावित कटान पर चिंता जताते हुए जंगलों के संरक्षण की जरूरत बताई।
अभियान में कई कार्यकर्ता रहे मौजूद: इस दौरान उक्रांद के वरिष्ठ नेता आशुतोष नेगी और सुरेश चंद्र जुयाल, जिलाध्यक्ष अर्जुन नेगी, जिला महामंत्री ऋषभ नेगी, युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष गौरव चंदोला, पौड़ी ब्लॉक अध्यक्ष अजय चंदोला और नगर अध्यक्ष हरीश उनियाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बांज और बुरांश पर्यावरण संतुलन को बेहद जरूरी: कार्यकर्ताओं ने कहा कि देवदार, बांज और बुरांश के जंगल पौड़ी की प्राकृतिक पहचान होने के साथ पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में पेड़ों के कटान से पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन कराया जाना चाहिए।
पेड़ों का कटान नही रूका तो होगा आंदोलन:कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि बिना उचित जांच के कटान जारी रहा तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जंगल बचाने का यह अभियान केवल पेड़ों के संरक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पौड़ी की प्राकृतिक विरासत सुरक्षित रखने की लड़ाई है।
