- धारचूला-झूलाघाट में कारोबार ठप, तीन दिन की बंदी से छोटे व्यापारियों की कमर टूटी
नदीम परवेज@ धारचूला। नेपाल में जारी चुनाव प्रक्रिया के मद्देनज़र 2 मार्च शाम 6 बजे से 5 मार्च तक भारत–नेपाल के सभी अंतरराष्ट्रीय झूला पुलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। इस निर्णय का सीधा प्रभाव सीमांत क्षेत्रों, विशेषकर धारचूला और झूलाघाट के बाजारों पर पड़ा है, जहां दैनिक कारोबार दोनों देशों की आवाजाही पर निर्भर करता है।
सीमा बंदी के चलते किराना, सब्ज़ी, दैनिक उपयोग की वस्तुओं और लघु व्यापार से जुड़े सैकड़ों दुकानदारों की आय प्रभावित हुई है। सीमावर्ती बाजारों में रोज़ होने वाला नकद लेन-देन लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। झूला पुलों के माध्यम से छोटे स्तर पर होने वाला माल परिवहन भी रुक गया है, जिससे दिहाड़ी मजदूरों और ठेला संचालकों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
व्यापारियों का कहना है कि भले ही बंदी केवल तीन दिनों की हो, लेकिन सीमांत अर्थव्यवस्था के लिए यह अवधि भी भारी नुकसान पहुंचाने वाली साबित हो सकती है। स्थानीय स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सीमित होने से कुछ सामानों के दाम बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
व्यापार संघ धारचूला के अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि नेपाल चुनाव के चलते झूला पुलों की बंदी सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कदम हो सकता है, लेकिन इसका सीधा और गहरा असर सीमांत व्यापार पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि धारचूला का अधिकांश छोटा व्यापार भारत–नेपाल आवाजाही पर निर्भर है और तीन दिन की बंदी से ही छोटे दुकानदारों, ठेला संचालकों और दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था या राहत योजना बनाई जाए, ताकि सीमांत अर्थव्यवस्था को अचानक होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
