SRHU Organizes Yoga Education and Research Workshop to Promote Scientific Yoga Studies
- एसआरएचयू में योग शिक्षा और शोध पर मंथन,
- विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक अनुसंधान के आयाम
- एक दिवसीय हाइब्रिड कार्यशाला का आयोजन
डोईवाला@SRHU#Jolygant#Rashtriy Vichar। योग अनुसंधान को वैज्ञानिक आधार देकर वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से डोईवाला स्थित एसआरएचयू के स्कूल ऑफ योगा साइंसेज और इंडियन काउंसिल ऑफ फिलॉसफिकल रिसर्च (आईसीपीआर) के संयुक्त तत्वावधान में ‘योग एजुकेशन एंड रिसर्च’ विषय पर एक दिवसीय हाइब्रिड कार्यशाला आयोजित की गई। बीसी राय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने योग शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विचार रखे।
समय की मांग: एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति के साथ योग अनुसंधान को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन योग परंपरा को आधुनिक विज्ञान से जोड़कर मानव स्वास्थ्य और कल्याण के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी: प्रति कुलपति डॉ. अशोक कुमार देवरारी ने योग और इंटीग्रेटिव मेडिसिन के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध की आवश्यकता बताई। स्कूल ऑफ योगा साइंसेज के प्राचार्य डॉ. सुबोध सौरभ सिंह ने कहा कि योग अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है।
विशेषज्ञ सत्र में एम्स नई दिल्ली की डॉ. रीमा दादा ने योग से जुड़े डीएनए स्तर के शोध प्रस्तुत किए, जबकि जेएनयू के डॉ. विक्रम सिंह ने एआई और योग के समन्वय पर चर्चा की। बालाजी विद्यापीठ के डॉ. आनंद बालयोगी भावनानी ने महर्षि पतंजलि के योग दर्शन से लेकर आधुनिक शोध तक के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की संयोजिका ’’डॉ. गरिमा जायसवाल’’ ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि संचालन ’’मुस्कान कपूर’’ और ’’दिया पोखरियाल’’ ने संयुक्त रूप से किया। कार्यशाला में डॉ. सुबोध सौरभ सिंह, डॉ. प्रीति कोठियाल, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. आभा, डॉ. निक्कू यादव, डॉ. शिव ओम आचार्य, डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. सलोनी मलिक, अनुराधा, विजेंद्र द्विवेदी, काजल सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
