Relief for Sela Village: PWD Installs Trolley After Bridge Washout, Permanent Bridge Planned with World Bank Support
- वॉशआउट के बाद PWD की त्वरित कार्रवाई
- ट्रॉली से शुरू हुआ आवागमन
- अब स्थायी पुल का अब भी इंतजार
नदीम परवेज@ धारचूला। सेला गांव के लिए राहत भरी खबर आई है। गांव में वॉशआउट के कारण अस्थायी लकड़ी के पुल बह जाने से कई दिनों से आवागमन ठप हो गया था। आखिरकार लोनिवि के प्रयासाें से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। आवागमन के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नदी पार करने के लिए ट्रॉली की व्यवस्था कर दी है। विधायक हरीश धामी की बैठक के तुरंत बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और ट्रॉली स्थापित कर ग्रामीणों का आवागमन शुरू करा दिया।
हालांकि ट्रॉली की व्यवस्था से ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली है, लेकिन यह व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित विकल्प नहीं मानी जा रही। ग्रामीणों को अभी भी अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रॉली के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। विशेषकर बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह सफर चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आशीष लुंठी ने बताया कि नदी का जलस्तर अभी भी अधिक होने के कारण फिलहाल अस्थायी पुल का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अस्थायी पुल निर्माण का प्रस्ताव (एस्टिमेट) तैयार कर जिला योजना को भेज दिया गया है। जैसे ही नदी का जलस्तर सामान्य होगा, पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से बनेगा स्थाई पुल
इसी बीच ग्रामीणों के लिए एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है कि स्थाई पुल निर्माण के लिए विश्व बैंक की वित्तीय सहायता मिली है। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाला स्थायी पुल का निर्माण लोनिवि करेगा। विभाग ने बताया कि सेला गांव के लिए पुल पहले ही स्वीकृत हो चुका है। कुछ तकनीकी कारणों से इसका निर्माण कार्य रुका हुआ था, लेकिन अब जल्द ही इसे दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है। परियोजना से संबंधित निर्माण सामग्री और अन्य संसाधन पहले से ही स्थल पर उपलब्ध हैं, जिससे कार्य शुरू होने में अधिक समय नहीं लगेगा।
मीडिया में छपी खबरों से हरकत में आया विभाग: लोगों का कहना है कि लगातार उठाई गई मांग, जनप्रतिनिधियों के प्रयास और मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित खबरों के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल ट्रॉली की व्यवस्था कर राहत पहुंचाई। ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन उनका कहना है कि स्थायी समाधान केवल पुल निर्माण से ही संभव है।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें स्थायी पुल निर्माण पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मानसून के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा और वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा।
