- सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर दून में हुंकार
- परेड ग्राउंड से घंटाघर तक निकला जनाक्रोश मार्च
देहरादून@Rashtriy Vichar। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को देहरादून में जनाक्रोश सड़कों पर उतर आया। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और छात्र-युवा समूहों ने परेड ग्राउंड से घंटाघर तक पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को भंग करने और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई की मांग उठाई।
परेड ग्राउंड में सतीश धौलाखंडी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान जनगीतों और नारेबाजी के बीच केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया गया।

महिला मंच की जिला संयोजक निर्मला बिष्ट ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और बेरहमी से बल प्रयोग किया गया।
महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने कहा कि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने की निंदा करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की और कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने NTA को “नाकाम एजेंसी” बताते हुए इसे भंग करने की मांग दोहराई।
रंगकर्मी वी.के. डोभाल ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और आगामी चरण की रणनीति जल्द घोषित की जाएगी।
इन संगठनों की रही भागीदारी
प्रदर्शन के बाद परेड ग्राउंड से घंटाघर और वापस परेड ग्राउंड तक पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस, यूकेडी, महिला मंच, एसएफआई, इंसानियत मंच सहित अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
तेज होगा आंदोलनः डोबरियाल
प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल ने कहा है कि उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन को तेज को तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर से संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस व सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया, जिसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है।
लाठीचार्ज करना अनुचित: पदमा गुप्ता
महिला मंच की पदमा गुप्ता ने कहा कि प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे व एनटीए को खत्म करने की मांग कर रहे थे और लाठीचार्ज करना अनुचित है। शिक्षा मंत्री हठधर्मिता अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल का प्रयोग किया गया जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
सुराज सेवादल ने किया धरना प्रदर्शन
लाठीचार्ज के विरोध में सुराज सेवादल के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर गांधी पार्क में धरना देकर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया। इस अवसर पर महामंत्री देवेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा है कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
