The sixth cultural evening of the Kunjapuri Fair celebrated Uttarakhand’s folk music, as Priyanka Meher and Hema Negi Karasi captivated thousands of spectators with their melodious performances.
- प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
- तालियों से गुंजायमान हो उठा पंडाल
- पंडाल के पीछे भी थिरकते रहे दर्शक
वाचस्पति रयाल@नरेन्द्रनगर। सुप्रसिद्ध सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की छठी सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह से उत्तराखंडी लोक संगीत के रंग में सराबोर रही।
सांस्कृतिक मंच पर प्रदेश की सुप्रसिद्ध लोक गायिका प्रियंका मेहर और प्रख्यात जागर गायिका हेमा नेगी करासी ने अपनी शानदार और एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से पंडाल में मौजूद हजारों दर्शकों का मन मोह लिया।
यह भव्य कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। कलाकारों की सुरीली आवाज और धुनों पर दर्शक अंतिम प्रस्तुति तक पंडाल में जमे रहे और झूमते रहे।
क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की मौजूदगी में मेले की छठी सांस्कृतिक संध्या का विधिवत शुभारंभ किया गया।
सांस्कृतिक संध्या की शानदार शुरुआत युवा सनसनी और लोक गायिका प्रियंका मेहर ने की।
प्रियंका मेहर ने मंच संभालते ही आधुनिक और पारंपरिक संगीत का ऐसा तड़का लगाया कि पूरा पंडाल जोश से भर गया।
उन्होंने अपने सुपरहिट गानों में फूल खिलाल, रम झमा,मैत वाली दिसा, घूमू घालू और लड़का कुमाऊँ को, के साथ-साथ शानदार गढ़वाली-कुमाऊंनी मैशअप गाकर युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
वहीं प्रख्यात जागर गायिका हेमा नेगी करासी ने मंच संभालते ही, मां कुंजापुरी के भक्तिमय भजनों व पारंपरिक आछरी जागरों से पूरे वातावरण को भक्ति के रस में डुबो दिया।
उन्होंने अपने बेहद लोकप्रिय गीतों सोबनु,मेरी बामणी, कांचनी कैलाश, मां नंदा के जगरातेऔर घस्यारी की बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
इस भव्य आयोजन के दौरान मेला अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार,पालिका की ओर से यहां आयोजित होने वाले तमाम कार्यक्रमों के स्तंभ संचालक माने जाने वाले महेश गुसाईं, द्वारिका प्रसाद जोशी, प्रकाश चंद्र रमोला, सभासद साकेत बिजल्वाण, सचिन भंडारी, ममता, आशा, विनीता, रवि नेगी, नगर पालिका के पदाधिकारी, मेला समिति के सदस्य और भारी संख्या में स्थानीय लोग व मातृशक्ति उपस्थित रही।
इस मौके पर मौके पर कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका सम्मान किया गया और सफल आयोजन के लिए मेला समिति को बधाई दी गई।
कुंजापुरी मेला हमारी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का बेहतरीन माध्यम हैं।– सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक
