Dehradun Rain Tragedy: Two Young Sisters Die After Being Swept Away in Storm Drain
- परिवार मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है
- पिता दिहाड़ी मजदूरी करता था
देहरादून,@Rashtriy Vichar। राजधानी देहरादून में गुरुवार की शाम तेज बारिश एक परिवार के लिए ऐसी त्रासदी बन गई, जिसने उनकी दुनिया ही उजाड़ दी। क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र की नई बस्ती में बरसाती नाले के तेज बहाव में बहने से दो सगी मासूम बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों बच्चियां नाले के ऊपर बने रैंप के नीचे फंस गई थीं। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम करीब चार बजे दुर्गा मंदिर, नई बस्ती के पास दो बच्चियों के बरसाती नाले में बहने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोग पहले ही रेस्क्यू में जुट चुके थे। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चियों को रैंप के नीचे से बाहर निकाला गया, पर चिकित्सकीय जांच में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
मृतक बच्चियों की पहचान लक्ष्मी कुमारी (7 वर्ष) और सोनाक्षी कुमारी (3 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों सगी बहनें थीं। उनकी मां रीना कुमारी ने पुलिस को बताया कि दोपहर में दोनों बेटियां घर के बाहर बरसाती नाले के पास खेलते-खेलते पानी में उतर गई थीं। इसी दौरान अचानक तेज बारिश के कारण नाले का बहाव बढ़ गया और दोनों पानी में बहकर रैंप के नीचे फंस गईं।
परिजनों ने जब बच्चियों की तलाश शुरू की तो काफी देर बाद बड़ी बेटी का पैर दिखाई दिया। इसके बाद आसपास के लोगों ने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया और दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।
रीना कुमारी ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है। परिवार रोजी-रोटी की तलाश में देहरादून आया था और नई बस्ती में किराये के मकान में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करता है। हादसे के समय बच्चियों के पिता किसी काम से बिहार गए हुए थे। घटना की सूचना उन्हें दे दी गई है और उनके लौटने का इंतजार किया जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर बरसात के मौसम में खुले और असुरक्षित बरसाती नालों के खतरे को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इन नालों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से हर साल हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लोगों को समय-समय पर सतर्क करने की मांग की है।
