Seminar Held in Bagjala on Ambedkar Jayanti as “Save Constitution, Save Nation” Day
- गोष्ठी में संविधान और सामाजिक न्याय पर वक्ताओं ने रखे विचार
हल्द्वानी@ Rashtriy Vichar। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर बागजाला गांव के धरना स्थल पर संविधान बचाओ देश बचाओ दिवस के रूप में गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर के विचारों, संविधान की मूल भावना और सामाजिक न्याय पर विस्तार से चर्चा की गई।
भाकपा (माले) नैनीताल के जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडेय ने कहा कि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान ने गरीबों, वंचितों, महिलाओं और दलितों को आगे बढ़ने का अवसर दिया तथा लोकतंत्र को मजबूत आधार प्रदान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में लोकतांत्रिक मूल्यों पर खतरा बढ़ रहा है और संविधान की मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है।
वहीं डॉ. उर्मिला रैस्वाल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने जीवनभर जातीय भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया और महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने संविधान को समतामूलक बनाने में अहम भूमिका निभाई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर गरीबों और वंचितों के खिलाफ नीतियां लागू कर रही है, वहीं दूसरी ओर अंबेडकर के नाम का उपयोग कर उनके विचारों के विपरीत कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में “शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो” के नारे के साथ अंबेडकर के विचारों पर चलते हुए गांव के संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में डॉ कैलाश पाण्डेय, डॉ उर्मिला रैस्वाल, वेद प्रकाश, विमला देवी, चंद्र प्रकाश, दीवान सिंह बर्गली, हरीश, परवेज, महेन्द्र, हेमा आर्य, पुष्पा देवी, खीम राम, पूरन राम, ललित प्रसाद, महेश राम, रिहाना, निजामुद्दीन, सविता देवी, पार्वती, सुनीता, दौलत सिंह, तुलसी, हेमा देवी, रेनू , दिनेश चंद्र, शोभा आदि उपस्थित रहे।
