Adi Kailash Shiva-Parvati Temple Opens Doors for Devotees Amid Grand Rituals and Devotion
- एक कुंतल फूलों से सजा मंदिर, श्रद्धालुओं को हुए आदि कैलाश के दिव्य दर्शन
नदीम परवेज@Dharchula#Pithoragarh# । आदि कैलाश स्थित शिव-पार्वती मंदिर के कपाट पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह करीब 10:30 बजे मंदिर के पुजारियों—गोपाल सिंह कुटियाल, वीरेंद्र सिंह कुटियाल और रमेश कुटियाल—ने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की। कपाट खुलते ही पूरा परिसर भक्ति और आस्था से सराबोर हो उठा। श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों ने हिंदी और रं भाषा में भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

ग्राम प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल के अनुसार इस अवसर पर मंदिर और परिसर को करीब 100 किलोग्राम फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
अनुकूल मौसम के चलते लगभग 250 से अधिक यात्रियों और स्थानीय लोगों को आदि कैलाश पर्वत के स्पष्ट और दिव्य दर्शन प्राप्त हुए।

इस मौके पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कमांडेंट संजय कुमार और 65 आरसीसी ग्रेफ के ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल अखिल कौशल देव सहित कई गणमान्य लोग और ग्रामीण मौजूद रहे।
आदि कैलाश यात्रा के शुभारंभ के साथ पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल छा गया है।
