Adi Kailash and Om Parvat Yatra Breaks All Records in Just 39 Days as Devotees Flock to Sacred Himalayan Shrine
- 36,526 श्रद्धालुओं ने की पवित्र यात्रा
- सुगम यात्रा को जिला प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम
- प्रधानमंत्री मोदी के भ्रमण से यात्रियों में बढ़ा उत्साह
नदीम परवेज@धारचुला। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला स्थित पवित्र आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा इस वर्ष आस्था, अध्यात्म और प्रकृति के अद्भुत संगम के रूप में नए इतिहास रच रही है। भगवान शिव के दिव्य धाम माने जाने वाले आदि कैलाश और रहस्यमयी ओम पर्वत के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। स्थिति यह है कि वर्ष 2025 में पूरे यात्रा सत्र के दौरान जारी हुए इनर लाइन परमिट (आईएलपी) का रिकॉर्ड इस वर्ष मात्र 39 दिनों में ही टूट गया।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 36,776 इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2025 में पूरे यात्रा सत्र में कुल 36,526 श्रद्धालुओं ने यात्रा की थी। यह बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि सीमांत हिमालय में स्थित यह दिव्य स्थल अब देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी श्रद्धा और आकर्षण का बड़ा केंद्र बन चुका है।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था, प्रशासन की बेहतर व्यवस्थाएं और यात्रा मार्गों में हुए सुधार इसके प्रमुख कारण हैं। सड़क संपर्क मजबूत होने, आवासीय सुविधाओं के विस्तार, होमस्टे संस्कृति के विकास तथा परमिट प्रक्रिया को सरल बनाए जाने से यात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है।

आदि कैलाश और ओम पर्वत को वैश्विक पहचान दिलाने में वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जोलिंगकोंग स्थित आदि कैलाश भ्रमण की अहम भूमिका रही। इसके बाद वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम तथा वर्ष 2025 की आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन ने भी इस क्षेत्र को नई पहचान प्रदान की। अब श्रद्धालुओं के साथ-साथ ट्रेकर्स, प्रकृति प्रेमी और एडवेंचर पर्यटक भी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं।
आस्था की इस बढ़ती यात्रा से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नया जीवन मिला है। होटल व्यवसाय, होमस्टे, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और स्वरोजगार गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और सीमांत गांवों में पर्यटन आधारित विकास की नई उम्मीद जगी है।
प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुव्यवस्थित यात्रा अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जिस तेजी से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि इस वर्ष आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा आस्था और पर्यटन दोनों के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।
