वाचस्पति रयाल@नरेन्द्रनगर।
सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन मुनि की रेती- ढालवाला के सक्रिय सदस्य राजेंद्र भंडारी पिछले दिनों एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कर दिया गया था। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। शुक्रवार को अंतिम सांस लेते हुए वे इस दुनियां को अलविदा कह गये।
शनिवार को उनका अंतिम दाह संस्कार पैत्रिक घाट शिवपुरी में किया गया। उनके पुत्र संजय भंडारी ने नम आंखों से पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
शिवपुरी (बडहल) के निवासी राजेंद्र भंडारी , जूनियर हाई स्कूल लम्बधार से कुछ माह पूर्व प्रधान अध्यापक के पद से सेवानिवृत हुए थे।
उनकी मृत्यु का समाचार सुनते ही शिवपुरी, बडहल,गूलर,तिमली, मुनि की रेती व ढ़ाल वाला क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में मातम छा गया।
उनके निधन पर सेवानिवृत्त संगठन भवन, मुनी की रेती-ढालवाला में एक शोक सभा आयोजित की गई।
शोक सभा को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विरेन्द्र कृषाली ने कहा कि दिवंगत हुए राजेंद्र भंडारी एक कुशल शिक्षक, मधुर व्यवहार और संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी थे। प्रधान अध्यापक होने के साथ वे एक कुशल प्रशासक और बच्चों के बेहद हमदर्द थे।
संगठन के शाखा अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान ने कहा कि भंडारी संगठन के कर्मठ सिपाही थे। कहा कि सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल होने व उचित उपचार के बाद उन्हें नहीं बचाया जा सका , उनकी मृत्यु दिल में एक टीस सी पैदा कर गई है। लेकिन विधि का विधान टाला नहीं जा सकता।
कोषाध्यक्ष जबर सिंह पंवार ने उनके व्यक्तित्व, कार्य करने की उत्कृष्ट शैली व प्रत्येक से भावनात्मक लगाव को औरों के लिए प्रेरणा बताया।
इस मौके पर हृदय राम सेमवाल, बिजेंद्र सिंह रावत, पूर्ण सिंह रावत, राजेश चमोली, वीरेंद्र मोहन सजवान व सौकार सिंह असवाल आदि मौजूद थे।
सभा के अंत में दिवंगत राजेंद्र भंडारी की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान देने व शोक संतृप्त परिवार को इस कष्ट की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की गई।
