Collectorate ministerial employees staged a one-day protest in Narendra Nagar, warning of intensified agitation if their seven demands are not addressed by October 30.
- सात सूत्रीय मांगों पर तहसील कर्मियों का धरना
- 31 अक्टूबर को प्रांतीय कार्यकारिणी बैठक में होगी उग्र आंदोलन की घोषणा
वाचस्पति रयाल@ नरेंद्रनगर। सात सूत्रीय मांगों के निस्तारण में हो रही देरी से नाराज कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों ने शनिवार को नरेंद्रनगर तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना देकर सरकार और शासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि 30 अक्टूबर तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 31 अक्टूबर को प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में उग्र आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
आंदोलनरत कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी मांगें पिछले 25 वर्षों से लंबित हैं, लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सरकार और शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारी नेताओं मुकेश भट्ट और प्रवीण उनियाल ने ग्रेड पे में विसंगति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अन्य विभागों में वर्ग-ग के कर्मचारियों का ग्रेड पे 2000 से बढ़कर 4200 तक पहुंच गया है, जबकि कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों को अब भी 2000 ग्रेड पे मिल रहा है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताते हुए समान पद और कार्य के लिए समान वेतन की मांग की।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कलेक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन, योग्यता एवं कार्य के अनुरूप 2800, 4200 और 4800 ग्रेड पे का शासनादेश जारी करना, नायब तहसीलदार के पदों पर कलेक्ट्रेट संवर्ग के लिए 10 प्रतिशत कोटा निर्धारित करना, वरिष्ठ एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के रिक्त पदों पर पदोन्नति और लंबित स्थानांतरणों का निस्तारण शामिल है।
धरने के चलते तहसील कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। विभिन्न कार्यों से पहुंचे लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा। प्रदर्शन में मुकेश भट्ट, प्रवीण उनियाल, चंद्रकांत, आयुष उनियाल, अनिल कुमार, अजय भंडारी और हरपाल सिंह नेगी सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
