Disaster-hit Magaram family in Pithoragarh has lived in a tent for two years despite housing schemes. Locals demand immediate permanent shelter.
- पीएम आवास के दावों के बीच दो साल से टेंट में मागाराम का परिवार
- स्थायी आशियाने का इंतजार
पिथौरागढ़@Rashtriy Vichar। आपदा की मार झेल चुके मागाराम का परिवार दो साल बाद भी स्थायी छत के इंतजार में टेंट में रहने को मजबूर है। लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था में रह रहे परिवार की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विक्रम दानू गुरुवार को क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौजूदा हालात की जानकारी ली।
ठंड में कांप जाती है रूह: परिवार ने बताया कि लंबे समय से टेंट में रहने के कारण उन्हें बारिश, ठंड और अन्य मौसम की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुराना टेंट भी खराब हो चुका था, जिससे परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई थीं। मामले की जानकारी मिलने के बाद अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह के सहयोग से पुराने टेंट को हटाकर परिवार के लिए नया टेंट लगाया गया। इससे फिलहाल परिवार को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थायी आवास की समस्या अब भी बनी हुई है।
टेंट बदलना स्थाई समाधान नही : जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विक्रम दानू ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवार को केवल टेंट उपलब्ध करा देना स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने प्रशासन से परिवार के लिए जल्द स्थायी आवास की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आपदा के दो साल बाद भी किसी परिवार का टेंट में रहने को मजबूर होना गंभीर चिंता का विषय है।
कहां गई पीएम आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए गरीबों को पक्की छत देने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पिथौरागढ़ में आपदा प्रभावित मागाराम का परिवार दो साल से टेंट में रहने को मजबूर है। सवाल यह है कि गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बावजूद मागाराम का परिवार अब तक स्थायी आवास से क्यों वंचित है? इसका जवाब संबंधित विभाग ही बेहतर दे सकता है।
शहरों में गगनचुंबी इमारतें सीमांत अछूता: स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर पीएम आवास योजना के तहत गगनचुंबी इमारतों का निर्माण तेजी से हो रहा है, वहीं एक आपदा प्रभावित गरीब परिवार दो साल से तिरपाल की छत के नीचे जिंदगी गुजार रहा है। लोगों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मागाराम के परिवार को जल्द स्थायी आशियाना उपलब्ध कराने की मांग की है।
