SDRF Uttarakhand rescued two Kanwar pilgrims from drowning in the Ganga at Kangra Ghat, Haridwar, during Kanwar Mela 2026. The swift rescue operation prevented two major tragedies.
- तेज बहाव बना जानलेवा
- SDRF की त्वरित कार्रवाई से दो श्रद्धालुओं को मिला नया जीवन
हरिद्वार@Rashtriy Vichar। कांवड़ मेला ड्यूटी के दौरान SDRF उत्तराखण्ड की सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और उत्कृष्ट रेस्क्यू कौशल ने एक बार फिर दो लोगों की जान बचाकर अपनी पेशेवर दक्षता का परिचय दिया। शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को कांगड़ा घाट पर हुई दो अलग-अलग घटनाओं में गंगा नदी के तेज बहाव में डूब रहे दो युवकों को SDRF टीम ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पहली घटना में सुधीश ठाकुर (18 वर्ष), पुत्र अमर सिंह, निवासी ग्राम मदगुआँ, जनपद झांसी (उत्तर प्रदेश), गंगा में स्नान के दौरान तेज धारा की चपेट में आकर डूबने लगा। घाट पर तैनात SDRF टीम ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगाई और युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया गया।
कुछ ही समय बाद दूसरी घटना में राहुल (28 वर्ष), पुत्र ओमेय, निवासी ग्राम डोला, जनपद बागपत (उत्तर प्रदेश), स्नान के दौरान गहरे पानी और तेज बहाव में फंस गया। स्थिति गंभीर होती देख मौके पर मौजूद SDRF जवानों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और साहस एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे भी सकुशल बाहर निकाल लिया। जवानों की समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
रेस्क्यू के बाद दोनों युवकों ने SDRF टीम का आभार व्यक्त करते हुए उनके साहस, त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की।
सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी ने रेस्क्यू में शामिल जवानों की तत्परता और पेशेवर दक्षता की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांवड़ मेले के दौरान SDRF की टीमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों से अपील की कि गंगा में स्नान करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें, गहरे पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल ड्यूटी पर तैनात SDRF अथवा पुलिस कर्मियों से सहायता लें।
