- परीक्षा से पहले वायरल हुआ प्रश्नपत्र
- UKTU का बड़ा एक्शन
- पेपर सेटर 7 साल के लिए ब्लैकलिस्ट
देहरादून@Rashtriy Vichar। देशभर में पेपर लीक मामले में जहां धरने प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं उत्तराखंड से बुधवार को पेपर लीक की घटना फिर सामने आई है। इस बार यह खबर उत्तराखंड की तकनीकी शिक्षा विभाग से आई है। प्रदेश में बार बार हो रहे पेपर लीक ने व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UKTU) ने सत्र 2025-26 की सम सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक की पुष्टि के बाद दो विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। मामले की जांच में प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की पुष्टि होने पर विश्वविद्यालय ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित बाह्य प्रश्नपत्र निर्माता को सात वर्षों के लिए सभी परीक्षा गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया है।
विश्वविद्यालय की 22 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, Machine Learning for Internet of Things (IOTT004) विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। शिकायत मिलने के बाद गठित विश्वविद्यालय स्तरीय समिति और संबंधित संस्थान की आंतरिक जांच समिति ने पूरे मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट में बाह्य प्रश्नपत्र निर्माता द्वारा गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन सामने आया। वहीं Electromagnetic Field Theory (ECT043) विषय के प्रश्नपत्र पर भी लीक की आशंका पाए जाने के बाद विश्वविद्यालय ने एहतियातन उसकी परीक्षा भी निरस्त कर दी।
विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की पुनः परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में कराने का निर्णय लिया है। री-एग्जाम की तिथि, परीक्षा केंद्र और विस्तृत कार्यक्रम जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। साथ ही संबंधित संस्थान को परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
पेपर लीक की इस घटना ने उत्तराखंड की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें और सभी आधिकारिक अपडेट केवल विश्वविद्यालय की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड से ही प्राप्त करें।
