Dubai Chamber Registers 3,995 New Indian Companies in First Quarter of 2026
- स्थिर नीतियाँ, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापार-अनुकूल माहौल बना रहा है दुबई को ग्लोबल बिजनेस हब
deharadun@Rashtriy Vichar##Dubai #IndianBusiness #UAE #BusinessNews #GlobalTrade। दुबई चैंबर्स के तहत संचालित तीन प्रमुख चैंबरों में से एक ‘दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स’ ने घोषणा की है कि वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 3,995 नई भारतीय कंपनियाँ चैंबर से जुड़ी हैं। यह वृद्धि वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद भारत और दुबई के बीच मजबूत होते कारोबारी और आर्थिक संबंधों को दर्शाती है।
मार्च 2026 के अंत तक दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स में पंजीकृत सक्रिय भारतीय कंपनियों की संख्या बढ़कर 84,088 हो गई है। इसके साथ ही दुबई में सबसे बड़े विदेशी व्यापारिक समुदाय के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है। भारतीय कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी इस बात का संकेत है कि वे दुबई को व्यापार विस्तार, स्थिरता और दीर्घकालिक विकास के लिए एक भरोसेमंद वैश्विक केंद्र के रूप में देख रही हैं।

दुबई चैंबर्स के प्रेसिडेंट एवं सीईओ महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूटा ने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में कंपनियाँ ऐसे बाजारों को प्राथमिकता दे रही हैं, जहां स्पष्ट नीतियाँ, स्थिर कारोबारी माहौल और निरंतर विकास की संभावनाएँ मौजूद हों। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों का बढ़ता विश्वास इस बात का प्रमाण है कि दुबई वैश्विक व्यापार के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद केंद्र बन चुका है।
जॉयलुक्कास ग्रुप के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. जॉय अलुक्कास ने कहा कि पिछले 39 वर्षों से यूएई उनकी वैश्विक कारोबारी महत्वाकांक्षाओं की मजबूत नींव रहा है। उन्होंने यूएई सरकार की दूरदर्शी नीतियों और व्यापार समुदाय को दिए गए निरंतर सहयोग की सराहना की।
इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के चेयरमैन सिद्धार्थ बालचंद्रन ने कहा कि अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के बीच दुबई स्थिरता का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि यूएई की नीतियों और कारोबारी माहौल के चलते उनके निवेश के मूल्यांकन में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
ऐपकॉर्प होल्डिंग के चेयरमैन एवं अपैरल ग्रुप के मालिक नीलेश वेद ने कहा कि दुबई भारतीय व्यवसायों के लिए अवसरों के साथ-साथ स्थिरता और तेज विकास का भी केंद्र बना हुआ है। मजबूत बैंकिंग व्यवस्था, व्यापार-अनुकूल नीतियाँ और निजी क्षेत्र को सहयोग देने वाली सरकार ने यहां कारोबारी माहौल को बेहद मजबूत बनाया है।
दुबई का कारोबारी वातावरण स्पष्ट नीतियों, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, पारदर्शी संवाद व्यवस्था और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर आधारित है। मार्च 2026 में दुबई सरकार द्वारा घोषित 1 बिलियन एईडी के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज ने भी बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ाने और व्यापारिक दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
