Uttarakhand Launches First Digital Self-Enumeration for Census 2027 from April 10
- सचिव जनगणना दीपक कुमार ने नागरिकों से की अपील,प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को करें सहयोग
- उत्तराखंड में मकान सूचीकरण और घर-घर सर्वे के लिए 30,000 प्रगणक तैयार
Rashtriy Vichar@ Deharadun# उत्तराखंड में आगामी 10 अप्रैल से देश की पहली डेटा-आधारित डिजिटल स्व-गणना शुरू होने जा रही है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की निगरानी में यह 15 दिवसीय स्व-गणना 10 से 24 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें प्रदेशवासी अपने मोबाइल और क्रेडेंशियल्स का उपयोग कर eCensus Portal पर लॉग इन करके प्रगणक के आने से पहले अपना विवरण डिजिटल रूप से दर्ज कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य उत्तराखंड में घर-घर सर्वे से पहले नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प देना है। स्व-गणना पूरी तरह सुरक्षित और वेब आधारित है तथा 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। फॉर्म सबमिट करने पर प्रत्येक उत्तरदाता को एक यूनिक सेल्फ-एनुमरेशन आईडी मिलती है, जिसे प्रगणक के फील्ड विजिट के दौरान साझा किया जा सकता है।
जनगणना के प्रथम चरण का मुख्य मकसद 25 अप्रैल से 24 मई के बीच पूरे राज्य में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना करना है। इसके लिए लगभग 30,000 प्रगणक और पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। राज्य के सचिव जनगणना दीपक कुमार ने राज्य के समस्त नागरिकों से जनगणना- 2027 के कार्य हेतु घर पर आने वाले जनगणना प्रगणकों एवं पर्यवेक्षक को आवश्यक जानकारी प्रदान करने में सहयोग करने तथा https://se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में स्व-गणना (Self Enumeration) करने की अपील की है। निदेशक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रगणकों को 650 बैचों में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें दो नेशनल ट्रेनर, 23 मास्टर ट्रेनर और 555 फील्ड ट्रेनर शामिल हैं।

निदेशक श्रीवास्तव ने बताया कि घर-घर सर्वे के दौरान आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और उपलब्ध परिसंपत्तियों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र की जाएगी। इस वर्ष जनगणना में उत्तरदाताओं को प्रगणक के आने से पहले ऑनलाइन विवरण दर्ज करने का विकल्प पहली बार प्रदान किया जा रहा है।
स्व-गणना और फील्ड सर्वे का यह संयोजन नीति निर्माण, लक्षित कल्याणकारी योजनाओं और साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा। प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें और पूरी सहयोगिता के साथ स्व-गणना में शामिल हों। इस मौके पर निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय गृह मंत्रालय भारत सरकार ईवा श्रीवास्तव, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल, संयुक्त सचिव जनगणना, अपर सचिव सुरेश चंद्र जोशी भी मौजूद रहे।
