- बजट खर्च, दावे बुलंद… फिर भी क्यों जस की तस हैं समस्याएं? जनसुनवाई में उठा सिस्टम पर सवाल
पिथौरागढ़@Rashtriy Vichar#। प्रदेश सरकार भले ही जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और तस्वीर पेश कर रही है। इसका उदाहरण सोमवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में देखने को मिला, जब भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी को स्वयं जिलाधिकारी के समक्ष अधूरी सड़कों, आवारा पशुओं, पेयजल संकट और सीवर व्यवस्था जैसी समस्याएं उठानी पड़ीं।
जोशी ने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी कर रही है, विभाग बजट भी खर्च कर रहे हैं, लेकिन आम जनता की मूलभूत समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संसाधनों और बजट की कमी नहीं है तो फिर समस्याओं का समाधान समय पर क्यों नहीं हो पा रहा है।
जनसुनवाई में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी का शिकायतकर्ता की भूमिका में पहुंचना प्रशासनिक व्यवस्था और विभागीय कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर गया। यह भी चर्चा का विषय बना रहा कि सत्ता पक्ष से जुड़े नेता को भी जनसमस्याओं के समाधान के लिए जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
