Major Boost for Uttarakhand CHOs as Proposal for Cadre Formation and Regularization Moves Forward
- सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए नियमित कैडर बनाने की मुहिम तेज
- निदेशक मिशन ने महानिदेशक स्वास्थ्य को भेजा प्रस्ताव
- राज्य में 1500 से अधिक सीएचओ हैं कार्यरत
- वर्तमान में सीएचओ के लिए नही है कोई नियमित कैडर निर्धारित
देहरादून@RashtriyVichar#NHM#। राज्य में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के नियमित कैडर गठन और नियमितीकरण की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) उत्तराखण्ड के मिशन निदेशक ने इस संबंध में प्रस्ताव एवं संस्तुति पत्र चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक को भेजा है।
राज्य में वर्तमान में 1500 से अधिक सीएचओ दूरस्थ, पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सेवाएं दे रहे हैं। ये अधिकारी मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, दवा वितरण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
गौरतलब है कि अब तक सीएचओ के लिए कोई नियमित कैडर संरचना न होने के कारण सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और स्थानांतरण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। इसी को देखते हुए पृथक राज्य कैडर गठन और चरणबद्ध नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया गया है।
एसोसिएशन ने मिशन निदेशक का जताया आभार
ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स के प्रदेश अध्यक्ष राहुल देवराड़ी और महासचिव आशुतोष पंवार ने मिशन निदेशक डॉ. संदीप तिवारी का आभार जताया है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार शीघ्र इस पर सकारात्मक निर्णय लेकर सीएचओ के लिए नियमित कैडर गठन की प्रक्रिया शुरू करेगी। इससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से लागू किया जा सकेगा।
“सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पिछले कई वर्षों से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनकर कार्य कर रहे हैं। राज्य के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में CHO की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। मिशन निदेशक द्वारा इस विषय पर सकारात्मक पहल किए जाने से समस्त CHO वर्ग में आशा एवं विश्वास का वातावरण बना है।
राहुल देवराड़ी ,प्रदेश अध्यक्ष
“यह केवल कर्मचारियों के हित का विषय नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को स्थायित्व प्रदान करने का विषय भी है। कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण से CHO की कार्यक्षमता, मनोबल एवं सेवा गुणवत्ता में और अधिक वृद्धि होगी, जिसका प्रत्यक्ष लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा।”
आशुतोष पंवार,प्रदेश महासचिव
