Supreme Court Approves Uttarakhand High Court Shift to Gaulapar, Haldwani
- गौलापार शिफ्ट होगा हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी
- नए परिसर के संबंध में जनमत संग्रह (रेफरेंडम) कराने के निर्देश को किया निरस्त
नई दिल्ली/नैनीताल@Rashtriy Vichar। उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में स्थानांतरित करने का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए गौलापार में नए हाईकोर्ट परिसर की स्थापना की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में हाईकोर्ट द्वारा नए परिसर के संबंध में जनमत संग्रह (रेफरेंडम) कराने के निर्देश को भी निरस्त कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जनमत संग्रह की कोई आवश्यकता नहीं है और राज्य सरकार नियमानुसार नए न्यायिक परिसर की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि गौलापार में प्रस्तावित हाईकोर्ट भवन के निर्माण के लिए छह सप्ताह के भीतर भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। अदालत ने संकेत दिया कि परियोजना में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
गौरतलब है कि उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से स्थानांतरित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। नैनीताल में सीमित भूमि, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया हाईकोर्ट परिसर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया था। गौलापार में पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के कारण यहां न्यायिक परिसर, अधिवक्ताओं के चैंबर, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास की बेहतर संभावनाएं हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार के लिए नए हाईकोर्ट परिसर के निर्माण की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। यदि तय समय में भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो उत्तराखंड के नए हाईकोर्ट परिसर का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकता है।
