- एनएसएस शिविर में महिला सशक्तिकरण पर विशेष व्याख्यान
- प्रो. दिनेश प्रताप सिंह ने युवाओं को किया जागरूक
वाचस्पति रयाल @ नरेंद्रनगर। पलोगी में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर के दौरान महिला सशक्तिकरण विषय पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में दिनेश प्रताप सिंह ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में सक्षम बनाते हुए उनमें निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना ही वास्तविक महिला सशक्तिकरण है।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में पिछले लगभग 200 वर्षों से चले आ रहे महिला आंदोलनों ने समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस दौरान उन्होंने वैश्विक नारीवादी विचारकों और आंदोलनों का उल्लेख करते हुए स्वयंसेवकों को महिला अधिकारों के इतिहास से अवगत कराया।
प्रो. दिनेश प्रताप सिंह ने भारतीय संदर्भ में राजा राम मोहन राय, सावित्री बाई फुले और पंडित रमाबाई जैसे समाज सुधारकों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और कानूनी रूप से जागरूक, स्वतंत्र और निर्णय लेने में सक्षम बनाना ही महिला सशक्तिकरण का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने विशाखा बनाम राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण मामलों का उदाहरण देते हुए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. सिंह के सारगर्भित उद्बोधन ने शिविर में उपस्थित स्वयंसेवकों को गहराई से प्रभावित किया। कार्यक्रम में संयोजक सरिता सैनी, डॉ. नीमा भेतवाल, डॉ. मुकेश सेमवाल, डॉ. वंदना सेमवाल, योगाचार्य अजय तिवारी, नरेंद्र बिजल्वाण सहित कई लोग उपस्थित रहे।
