- गंभीर कदाचार में भूपेश चंद और अर्जुन बिष्ट का पद घटाया
नीरज सती@ रामनगर।
राजस्व अभिलेखों से जुड़े संवेदनशील कार्य निजी व्यक्तियों से कराए जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित रजिस्ट्रार कानूनगो भूपेश चंद और अर्जुन सिंह बिष्ट को उनके वर्तमान पद से पदावनत कर निचले पद और वेतनमान पर नियुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। यह दंड तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और संबंधित अधिकारियों की सेवा पुस्तिका में भी दर्ज किया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों पर आरोप था कि उन्होंने राजस्व अभिलेखों से जुड़े वैधानिक और महत्वपूर्ण कार्य निजी एवं अनधिकृत व्यक्तियों को सौंप दिए। प्रारंभिक जांच के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की गई, जिसमें दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपों को पूरी तरह सही पाया गया।
कारण बताओ नोटिस के जवाब में दोनों अधिकारियों ने अधिक कार्यभार और लंबित मामलों के दबाव का हवाला देते हुए निजी व्यक्तियों की मदद लेने की बात स्वीकार की। हालांकि प्रशासन ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कार्यभार का बहाना बनाकर सरकारी अधिकारों का निजी हाथों में हस्तांतरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासन ने इस कृत्य को गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और राजकीय अधिकारों के दुरुपयोग की श्रेणी में माना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व अभिलेखों जैसे संवेदनशील मामलों में निजी व्यक्तियों की दखलंदाजी से अभिलेखों की गोपनीयता और विश्वसनीयता पर गंभीर खतरा पैदा होता है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यह विभागीय दंड किसी संभावित आपराधिक या विजिलेंस जांच को प्रभावित नहीं करेगा। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी कार्यों में अनियमितता और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
