- शहीद बेलमती चौहान महाविद्यालय में कार्यशाला आयोजित
- भूस्खलन-भूकंप से निपटने के गुर सिखाए
वाचस्पति रयाल @ नरेंद्रनगर। पट्टी क्वीली के पोखरी स्थित शहीद बेलमती चौहान राजकीय महाविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपदाओं से बचाव व प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शशिबाला वर्मा के निर्देशन में विभागाध्यक्ष डॉ. नीमा भेतवाल ने कार्यशाला का प्रभावी संचालन किया। उन्होंने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं के कारणों, प्रभावों और बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। उत्तराखंड में बार-बार आने वाली आपदाओं, जैसे भूस्खलन, एवलांच, भूकंप, बाढ़ और बादल फटना, पर विशेष चर्चा की गई।
डॉ. भेतवाल ने बताया कि अनियोजित निर्माण और पर्यावरणीय असंतुलन भूस्खलन जैसी घटनाओं को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने छात्रों को जागरूक नागरिक बनने और आपदा के समय संयम व समन्वय बनाए रखने का संदेश दिया।
प्राचार्य डॉ. शशिबाला वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने छात्रों को आपदा की स्थिति में सामूहिक सहयोग, त्वरित निर्णय और प्राथमिक उपचार की जानकारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में प्रो. डी.पी. सिंह, डॉ. गणेश जुयाल, डॉ. मुकेश सेमवाल, डॉ. वंदना सेमवाल, अजय तिवारी, अंकित कुमार, नरेंद्र बिजल्वाण सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यशाला ने विद्यार्थियों में आपदा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करने का कार्य किया।
