- हैट्रिक के लिए भाजपा का महामंथन
- संगठन से बूथ तक चुनावी रोडमैप तैयार
देहरादून@Rashtriya Vichar। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात अभी से बिछने लगी है। लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ भाजपा ने संगठन को चुनावी मोड में लाने की कवायद तेज कर दी है। हल्द्वानी में आयोजित पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति के दूसरे सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट लक्ष्य देते हुए 2027 में प्रचंड जीत के साथ 2029 के लोकसभा चुनाव की मजबूत तैयारी का आह्वान किया।
नबीन ने कहा कि कार्यकर्ताओं का सामर्थ्य और जनता का विश्वास बता रहा है कि उत्तराखंड में भाजपा का विजय रथ रुकने वाला नहीं है। उनके संबोधन से साफ संकेत मिला कि पार्टी अब सरकार की उपलब्धियों को चुनावी अभियान के केंद्र में रखते हुए संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी। पंचायत और निकाय चुनावों में मिली सफलता को भी उन्होंने संगठन की ताकत के प्रमाण के रूप में पेश किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए समान नागरिक संहिता, महिलाओं की भागीदारी, सैनिकों के सम्मान, सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को सरकार की उपलब्धियों के तौर पर गिनाया। चारधाम ऑल वेदर रोड, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और सीमांत क्षेत्रों में सड़क निर्माण को उन्होंने विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
कांग्रेस पर भी किए सियासी वार
सियासी तौर पर नबीन के भाषण में कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक नैरेटिव तैयार करने पर भी खास जोर दिखाई दिया। उन्होंने कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति और दलितों के अपमान का आरोप लगाते हुए विपक्ष की संभावित चुनावी रणनीति की काट तैयार करने का संकेत दिया। ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रवाद के मुद्दे को भी उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।
नेशन फस्ट,पार्टी नेक्स्ट और सेल्फ लास्ट का दिया मंत्र
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को ‘राष्ट्र प्रथम, पार्टी नेक्स्ट और सेल्फ लास्ट’ का मंत्र देते हुए संगठन को चुनावी लक्ष्य के लिए पूरी ताकत से जुटने का संदेश दिया। वहीं युवाओं, महिलाओं और विकास के मुद्दों को भी भाजपा के भविष्य के चुनावी नैरेटिव से जोड़ने की कोशिश की।
विपक्ष के नैरेटिव की काट को भी दे गये धार
हल्द्वानी कार्यसमिति का संदेश स्पष्ट है कि भाजपा 2027 के चुनाव को अभी से मिशन मोड में ले रही है। संगठन की एकजुटता, बूथ प्रबंधन, सरकार की उपलब्धियों का प्रचार और विपक्ष के नैरेटिव की काट—इन चार मोर्चों पर पार्टी अपनी चुनावी रणनीति को धार देने की तैयारी में है। 2027 की जीत को भाजपा ने केवल सत्ता में वापसी नहीं, बल्कि 2029 की बड़ी राजनीतिक लड़ाई की तैयारी के पहले पड़ाव के तौर पर भी देखना शुरू कर दिया है।
