- आम आदमी पार्टी(AAP) के लिए एक बड़ी कानूनी जीत
- दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनाया फैसला
- केंद्रीय जांच एजेंसियां, भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश के आरोपों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त सबूत नही जुटा पाईं।
नई दिल्ली: शुक्रवार का दिन आमआदमी पार्टी के लिये खुशी और उल्लास भरा रहा,जब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश मामले में सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में पूरे मामले को ही खारिज कर दिया । गौरतलब है कि यह मामला 2021 की उस नीति से उपजा है, जिसका उद्देश्य सरकारी राजस्व को बढ़ावा देने और कालाबाजारी को खत्म करने के लिए दिल्ली में शराब के खुदरा व्यापार का निजीकरण करना था । हालाँकि, केंद्रीय अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के नेताओं को रिश्वत (किकबैक) के बदले विशिष्ट निजी खिलाड़ियों को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए नीति में हेरफेर की गई थी, जिसमें “साउथ ग्रुप” नामक एक नेटवर्क भी शामिल था ।
अदालत का फैसला शीर्ष AAP नेताओं को किसी भी गलत काम से जोड़ने वाले प्रत्यक्ष सबूतों की कमी पर टिका था। न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि नीतिगत निर्णय, उसकी सफलता या विफलता की परवाह किए बिना, स्वाभाविक रूप से आपराधिक कृत्य नहीं माना जा सकता । इसके अलावा, अदालत ने सीबीआई को ठोस सबूत पेश करने में विफल रहने और सरकारी गवाह बनने के लिए माफी पाने वाले व्यक्तियों की गवाही पर भरोसा करने के लिए कड़ी फटकार लगाई, और इस दृष्टिकोण को संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन बताया ।
यह फैसला केंद्रीय जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण झटका है, अदालत ने जांच में शामिल अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच का भी सुझाव दिया है । हालाँकि यह निर्णय तीव्र राजनीतिक विवाद और गिरफ्तारियों के बाद AAP नेतृत्व को राहत प्रदान करता है, सीबीआई ने संकेत दिया है कि वह उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दे सकती है।
फैसले से भावुक हुए केजरीवाल,दी प्रतिक्रिया
अदालत के फैसले के बाद, भावुक अरविंद केजरीवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए इसे पूर्ण न्याय और अपनी बेगुनाही का सबूत बताया। उन्होंने कहा कि उनके और मनीष सिसोदिया के खिलाफ “कीचड़ उछाला गया”, लेकिन अदालत ने उन्हें ईमानदार घोषित किया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी और अमित शाह ने AAP को खत्म करने के लिए अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश रची, जिसके तहत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जेल में डाला गया और एक मौजूदा मुख्यमंत्री को घसीटकर जेल भेजा गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अदालत ने अब साफ कर दिया है कि वह और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं ।
