Retired government pensioners in Uttarakhand demand full Golden Card benefits as over 35,000 remain deprived despite repeated talks and assurances.
- बड़ा सवाल- आखिर बुजुर्ग पेंशनरों को गोल्डन कार्ड योजना का लाभ पाने को अब और कितना करना होगा इंतजार ?
वाचस्पति रयाल@ नरेन्द्रनगर। उत्तराखंड में सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनरों को गोल्डन कार्ड योजना का पूरा लाभ दिलाने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर संगठन की प्रांतीय बैठक में इस मुद्दे पर सरकार और शासन के प्रति नाराजगी जाहिर की गई। संगठन ने आरोप लगाया कि वर्षों से मांग उठाने और दर्जनों बार वार्ता होने के बावजूद पेंशनरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। हालात यह हैं कि प्रदेश के 35 हजार से अधिक पेंशनर अब भी गोल्डन कार्ड की सुविधा से वंचित हैं।
सरकार के आश्वासन नहीं उतरे जमीं पर: बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृषाली ने कहा कि गोल्डन कार्ड का मुद्दा लंबे समय से लंबित है। सरकार और शासन की ओर से बार-बार आश्वासन दिए गए, लेकिन उन्हें धरातल पर नहीं उतारा गया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त बुजुर्गों को योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखना उनके साथ अन्याय है। सरकार को बुजुर्ग पेंशनरों की समस्याएं बढ़ाने के बजाय उनका समाधान करना चाहिए।
वंचितों को योजना से तत्काल जोड़ा जाए: संगठन ने सरकार, शासन और राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण से मांग की कि गोल्डन कार्ड से वंचित 35 हजार से अधिक पेंशनरों को तत्काल योजना से जोड़ा जाए। साथ ही सभी पेंशनरों को गोल्डन कार्ड का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने जॉलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन अस्पताल में भी गोल्डन कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई। पदाधिकारियों का कहना है कि यह अस्पताल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन गोल्डन कार्ड धारक पेंशनरों को यहां अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचने के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ना गंभीर स्थिति है।
आश्वासन नही, चाहिए ठोस कार्रवाई: बैठक में लंबित समस्याओं के समाधान के लिए शासनादेश जारी करने की मांग भी की गई। संगठन ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की ओर से मांगों के निस्तारण का आश्वासन दिए जाने पर आभार जताया, लेकिन स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष कृषाली ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा। इसके लिए प्रदेशभर की शाखाओं को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
लंबे समय तक बीमारी से जूझने के बाद स्वस्थ हुए संगठन के वरिष्ठ सदस्य राम सुरेश की अध्यक्षता में हुई बैठक का संचालन प्रदेश सचिव चंद्र प्रकाश ने किया। बैठक में प्रदेश प्रवक्ता जबर सिंह पंवार सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
