- चंबा के गांवों में जनसंवाद के दौरान पूर्व मंत्री ने उठाए सड़क, मेडिकल कॉलेज और संस्थानों के मुद्दे
- बोले-10 वर्षों से क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हुआ
वाचस्पति रयाल @ नरेन्द्रनगर। क्षेत्र का विकास यदि संतुलित और सर्वांगीण रूप से नहीं हो रहा है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित जनप्रतिनिधि की होती है। विकास में असंतुलन किसी भी क्षेत्र के लिए लकवाग्रस्त शरीर की स्थिति जैसा है। यह बात पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता दिनेश धनै ने चंबा विकासखंड के विभिन्न गांवों के भ्रमण के बाद आयोजित जनसभा में कही।
भारी बारिश के बीच दिनेश धनै ने चंबा विकासखंड की ग्राम पंचायत नकोट, बसाल, स्वाड़ी, बमुण्ड और पुरसोल समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दे उनके सामने रखे।
सड़क से वंचित गांवों का उठाया मुद्दा
धनै ने स्वाड़ी, बसाल और पुरसोल गांवों के अब तक सड़क से नहीं जुड़ने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ना विकास की प्राथमिक जरूरत है। उन्होंने प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी उठाते हुए विधानसभा क्षेत्र के पिछले वर्षों के विकास कार्यों पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारना चाहिए। उनके अनुसार, पिछले 10 वर्षों में टिहरी विधानसभा क्षेत्र का विकास अपेक्षित गति से नहीं हो पाया है।
बोले-मेरे कार्यकाल की योजनाओं को आगे क्यों नहीं बढ़ाया गया?
पूर्व मंत्री धनै ने अपने कार्यकाल के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में चार दर्जन से अधिक सड़कों को स्वीकृति दिलाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि नई टिहरी में संगीत महाविद्यालय, बौराड़ी में रोडवेज डिपो, रोपवे, क्रिकेट अकादमी समेत कई योजनाओं को स्वीकृति दिलाई गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि इन योजनाओं को आगे बढ़ाने के बजाय कई कार्यों को ठंडे बस्ते में क्यों डाल दिया गया।
उन्होंने टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर भी सवाल उठाए। धनै ने कहा कि वर्ष 2023 में उत्तराखंड के पांच जिलों से मेडिकल कॉलेजों के प्रस्ताव मांगे गए थे। उनके अनुसार अन्य जिलों में भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जबकि टिहरी में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
नए संस्थानों को लेकर भी साधा निशाना
धनै ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण संस्थान खोले जा रहे हैं, लेकिन टिहरी विधानसभा क्षेत्र में नए संस्थानों की कमी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में जिन संस्थानों की स्थापना हुई, उनमें भी नए व्यावसायिक ट्रेड शुरू नहीं किए जा सके हैं। उन्होंने इसे युवाओं के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
धनै ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर वे लगातार गांवों का दौरा कर रहे हैं। इससे पहले भी उनके द्वारा चंबा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसंवाद किया गया है और ग्रामीणों से सड़क, पेयजल, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी समस्याओं पर बातचीत की गई है।
बोले-जनता ने मौका दिया तो अधूरे काम पूरे करूंगा
आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए धनै ने कहा कि यदि जनता ने उन्हें फिर से सेवा का अवसर दिया तो वे जनता के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के साथ नई योजनाओं को धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिकता होगी और टिहरी विधानसभा को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जाएगा।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास के मुद्दों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की अपील भी की। धनै वर्ष 2024 में भाजपा में शामिल हुए थे और तब उन्होंने टिहरी के विकास के लिए भाजपा की रीति-नीति के अनुरूप काम करने की बात कही थी।
भ्रमण के दौरान चंबा विकासखंड की कनिष्ठ प्रमुख सरोज मखलोगा, ग्राम प्रधान इतवीर सिंह मखलोगा, जयेन्द्र सिंह भंडारी, संतोषी देवी, पुष्कर सिंह गुसाईं, क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश बिष्ट, उपप्रधान मनमोहन उनियाल, सुनीता मखलोगा, गिरबीर सिंह राणा, अनुपमा रावत, तुंगोली के प्रधान देवेंद्र सिंह रावत, सिलोगी के प्रधान देव सिंह गुसाईं सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
