- बीआरओ ने दो-तीन स्थानों पर मशीनें उतारीं
- बड़े स्लाइडिंग प्वाइंट खोलने का चल रहा काम
- कैलाश यात्रा के परमिट जारी करने की तैयारी
नदीम परवेज@ धारचूला। सीमांत क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने तवाघाट-लिपुलेख सड़क मार्ग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कुलागाड़ से आगे कई स्थानों पर सड़क बंद होने की सूचनाएं मिल रही हैं। कई जगह सड़क के बड़े हिस्से वॉशआउट हो गए हैं, जबकि बड़े-बड़े स्लाइडिंग प्वाइंटों के कारण आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है।
प्रशासन के अनुसार बीआरओ ने दो-तीन स्थानों पर मशीनें लगाकर सड़क खोलने का काम शुरू कर दिया है। बड़े स्लाइडिंग प्वाइंटों को रविवार शाम तक खोलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, सड़क की वास्तविक स्थिति को देखते हुए यातायात कब पूरी तरह सामान्य होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

लिपुलेख मार्ग का एस-बैंड क्षेत्र भी पूरी तरह वॉशआउट होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में बीआरओ के सामने सड़क पर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करना बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो शाम तक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर यातायात बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
दो दिन से परमिट रद्द, शाम से फिर जारी करने की तैयारी
उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए पिछले दो दिनों से आदि कैलाश यात्रा के परमिट रद्द किए गए थे। प्रशासन की योजना है कि रविवार शाम से परमिट जारी किए जाएं और धारचूला के होटलों में रुके यात्रियों को मौसम व सड़क की स्थिति के अनुसार यात्रा पर भेजा जाए।
हालांकि, सड़क मार्ग की मौजूदा स्थिति यात्रियों के लिए अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई-कई मीटर सड़क वॉशआउट होने के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्र में आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में भारी बर्फबारी भी हो रही है। इससे यात्रा संचालन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
एसडीएम आशीष जोशी के अनुसार प्रशासन का प्रयास है कि आज शाम तक यातायात बहाल कर परमिट जारी किए जाएं, जबकि यात्रा को सुचारू रूप से कल सुबह से संचालित किया जा सके।
होटलों में रुके यात्री, नेपाल की ओर बढ़ा रुख
यात्रा स्थगित होने के कारण धारचूला में बड़ी संख्या में यात्री रुके हुए हैं। वहीं कई यात्री अंतरराष्ट्रीय झूला पुल के माध्यम से नेपाल की ओर जाकर समय व्यतीत करते नजर आ रहे हैं।
26 सितंबर की यात्रा को ध्यान में रखकर यात्रियों को धारचूला लाने वाले होटल संचालकों पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। यात्रा में देरी के कारण यात्रियों के ठहरने की अवधि बढ़ रही है और व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।

अब मौसम और बीआरओ की रफ्तार पर टिकी निगाहें
दो दिनों की लगातार बारिश से सीमांत क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन लगातार सड़क मार्गों की मॉनिटरिंग कर रहा है। लेकिन सिर्फ सड़क खुल जाना ही पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि कई स्थानों पर सड़क की स्थिति और मौसम दोनों चुनौती बने हुए हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मौसम कब राहत देता है और बीआरओ कितनी तेजी से वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर पाता है। इसके बाद ही आदि कैलाश यात्रा और स्थानीय लोगों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य होने की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
