पिथौरागढ़@Rashtriy Vichar। नेपाल सीमा से लगे दुर्गम भौरा गांव में एक बार फिर एसएसबी जवानों की मानवता और कर्तव्यनिष्ठा सामने आई। गंभीर रूप से बीमार 60 वर्षीय किशना देवी को जब गांव से सड़क तक पहुंचाने वाला कोई नहीं मिला तो उनके पति रामीचंद ने सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों से मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही जवान गांव पहुंचे और बीमार बुजुर्ग महिला को सुरक्षित सड़क तक पहुंचाकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
बताया गया कि किशना देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें तत्काल उपचार की जरूरत थी। भौरा गांव में अधिकांश परिवारों के लोग बाहर रहते हैं और गांव में मुख्य रूप से बुजुर्ग ही रह गए हैं। ऐसे में बीमार महिला को अस्पताल तक पहुंचाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
महिला के पति रामीचंद ने हालात को देखते हुए एसएसबी से सहायता मांगी। सीमा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक लखपत सिंह के नेतृत्व में एसएसबी जवान तत्काल गांव पहुंचे। जवानों ने दुर्गम रास्ते से बीमार महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और सड़क तक पहुंचाया, जहां से उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
परिवार की परेशानी इस वजह से भी बढ़ गई थी कि महिला का एक पुत्र मानसिक समस्या से जूझ रहा है। ऐसे कठिन समय में एसएसबी जवानों की मदद परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई।
एसएसबी जवानों के इस मानवीय प्रयास की ग्रामीणों और परिजनों ने सराहना की। परिजनों ने संकट की घड़ी में तत्काल मदद पहुंचाने के लिए एसएसबी जवानों का आभार जताया।
दुर्गम सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए एसएसबी जवानों की यह पहल ‘सीमा सुरक्षा के साथ मानव सेवा’ की भावना को भी मजबूत करती है।
