- एक सुर में उठाई आवाज, सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील
- पुलिस अधिकार मार्च निकालकर पीएचक्यू किया कूच
- सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर सभी को रोका
- नोंकझोंक, झड़प, वहीं धरने पर बैठकर किया प्रदर्शन
देहरादून@RashtriyVichar। उत्तराखंड राज्य के पुलिस जवानों की वर्षों से लंबित 4600 ग्रेड पे की न्यायपूर्ण मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों ने पुलिस अधिकार मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के बीच पीएचक्यू कूच किया।
सोमवार को विभिन्न राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता परेड ग्राउंड के पास एकत्रित हुए और वहां से पुलिस अधिकार मार्च निकालते, नारेबाजी करते हुए पुलिस मुख्यालय कूच किया। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर सभी को रोक लिया। इस बीच नोंकझोंक व झड़प के बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गए।
जवानों के हक में उतरे पूर्व सैनिक
उत्तराखंड पुलिस के जवानों के लिए पूर्व सैनिक हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे। पूर्व सैनिक महिपाल पुंडीर ने कहा कि जब जवान खुद अनुशासित रहकर अपनी आवाज नहीं उठा सकते, तो समाज का कर्तव्य बनता है कि वह उनके हक की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएं।
हर मोर्चे पर मुस्तैद जवान: कांग्रेस प्रवक्ता संदीप चमोली ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के जवान चौबीसों घंटे प्रदेश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हैं। आपदा से लेकर चारधाम यात्रा तक, हर मोर्चे पर मुस्तैद रहने वाले इन जवानों की ग्रेड पे की मांग पूरी तरह न्यायोचित है।
शीघ्र फैसला ले सरकार: सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने सरकार से संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों की इस मांग पर तुरंत फैसला लिया जाना चाहिए। जोशी ने कहा है कि जिससे पुलिस बल का मनोबल और सुदृढ़ हो सके व उनके अथक योगदान को उचित सम्मान मिल सके।
वाजिब ग्रेड पे जवानों का हक: राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि 4600 ग्रेड पे पुलिस के जवानों का हक है। उन्होंने कहा कि पुलिस का सम्मान ही असल में राज्य का सम्मान है, इसलिए सरकार को इस मामले में अब और हीलाहवाली बंद कर तुरंत आदेश जारी करने चाहिए।
ग्रेड पे मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा: उत्तराखंड स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा है कि जब तक पुलिस के जवानों को ग्रेड पे नहीं मिलता है इस आंदोलन को जारी रखा जाएगा।
अधिवक्ता रेशमा ने कहा है कि वह कंधे से कंधा मिलाकर पुलिस के जवानों के साथ खड़ी रहेगी।
अनिवार्य रूप से मिले ग्रेड पे: मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा है कि पुलिस के जवानों को ग्रेड पे अनिवार्य रूप से मिलना चाहिए। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर पुलिस अधिकार मार्च में शांति प्रसाद भटट, सुमित अग्रवाल, हेमा भंडारी, भावना पांडे, मोहन काला, टिंकल अरोड़ा, पूनम कंडारी, उमा गौड़ सिसोदिया, विवेक तिवारी, ललित श्रीवास्तव, महिपाल पुंडीर, अनिल डोभाल, हीरा सिंह फरस्वाण, सुरेश सिंह, प्रियम, आशीष नौटियाल, मूरत सिंह आदि शामिल रहे।
इन राजनैतिक व सामाजिक संगठनों की रही भूमिका
कांग्रेस पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल, आम आदमी पार्टी, सुराज सेवादल, जन अधिकार पार्टी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, यूकेडी सैनिक प्रकोष्ठ, उत्तराखंड टाइगर फोर्स, काली सेना, राष्ट्रीय बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी, ब्राहमण महासभा, मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति, देवभूमि युवा संगठन सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने योगदान दिया।
